06सीटीके15..गुरु ग्रंथ साहिब के समक्ष मत्था टेकते संगत। स्रोत : कमेटी
जो बोले सो निहाल, सत श्री अकाल के जयकारों से सोमवार को गुरु गोबिंद सिंह के प्रकाश पर्व पर बंगला साहिब गुरुद्वारा गुंजायमान हो गया। माता दरवाजा स्थित गुरुद्वारा में गुरुवाणी शबद कीर्तन से दिलप्रीत कौर ने संगत को निहाल किया। सुबह से ही संगत का तांता लगा रहा। साथ ही लंगर प्रसाद भी संगत ने छका। गुरु ग्रंथ साहिब के समक्ष संगत ने मत्था टेका और अरदास की।
दिल्ली से आए भाई भूपेंद्र सिंह ने अखंड कीर्तन ने सभा संगत को करतार की सौगंध है नानक की कसम है जितनी भी हो तारीफ हो गुरु गोविंद की कम है... कीर्तन से आनंद विभोर कर दिया। वहीं, हेड ग्रंथी ज्ञानी अजित सिंह ने गुरमत विचारों से संगत को निहाल करते हुए अपनी हाजिरी लगवाई। वहीं, ज्ञानी गुरु प्रताप सिंह ने गुरु गोबिंद सिंह की कथा सुनाई।
मंच संचालन सचिव परमजीत सिंह ने किया। गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी मैनेजर पूरन सिंह और सचिव परमजीत सिंह ने बताया कि हजारों की संख्या में संगत ने गुरुद्वारा पहुंचकर अरदास की और गुरुग्रंथ साहिब के समक्ष माथा टेका, साथ ही लंगर आदि में सेवा दी।
इस मौके पर विधायक बीबी बतरा, महामंडलेश्वर कपिल पुरी, दिलबाग सिंह, सरदार अवतार सिंह कोचर, सरदार हरभजन सिंह राठौड़, महेंद्र सिंह ढींगरा, गुरजिंदर सिंह जींद, करनैल सिंह निम्नाबाद, गुरप्रीत सिंह कोचर, मनजीत सिंह व हिमांशु ग्रोवर आदि मौजूद रहे।