सरकारी व्यवस्था कितनी चुस्त दुरुस्त है, इसका अंदाजा स्टाइपेंड का इंतजार कर रहे विद्यार्थियों से लगाया जा सकता है। नया शैक्षणिक सत्र शुरू हो गया है। अब तक पुराने सत्र का ही स्टाइपेंड जारी नहीं हुआ है। बजट आने पर अंतिम क्वार्टर का स्टाइपेंड जारी होने की आस है। इधर, शिक्षा विभाग ने समय पर स्टाइपेंड जारी होने का दावा किया है।
सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों का नई कक्षा में प्रवेश दे दिया गया है। नए सत्र की कक्षाएं शुरू हो गई हैं जबकि विद्यार्थियों को अभी अपना पिछला स्टाइपेंड ही नहीं मिला है। कक्षा में पढ़ाई के साथ मिलने विद्यार्थियों को हर तिमाही स्टाइपेंड जारी किया जाता है। यह स्टाइपेंड अब तक जारी नहीं हुआ है। कुछ जगह तो यह साल भर से जारी नहीं हुआ है। इस कारण विद्यार्थियों तक सरकारी मदद नहीं पहुंच पाई है। सरकारी स्कूलों में बीपीएल, एससी, बीसी छात्रों को योजना का लाभ दिया जाता है। राजकीय अध्यापक कल्याण संघ ने भी शिक्षा विभाग से बच्चों को योजना का लाभ समय पर दिए जाने का पक्ष लिया है। संघ के पूर्व प्रधान रामबीर ने कहा कि लाभपात्रों को समय पर स्टाइपेंड भुगतान से बच्चों को आर्थिक तंगी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
वर्जन:
विभाग की ओर से स्टाइपेंड समय पर दिया जा रहा है। किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं है। हमारे पास किसी के स्टाइपेंड बकाया होने की कोई शिकायत नहीं आई है।
दिलजीत सिंह, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी।