16jjrp14-झज्जर। सिविल अस्पताल में बनाया गया एनएससीयू। संवाद
झज्जर। नागरिक अस्पताल की एसएनसीयू (नवजात देखभाल इकाई) में आग लगने की स्थिति में लोगों को अलर्ट करने के लिए पिछले तीन साल से अग्नि सुरक्षा अलार्म (फायर सेफ्टी अलार्म) नहीं है। इससे लोगों को आग लगने का पता नहीं चल पाएगा।
फायर सेफ्टी अलार्म हर अस्पताल में जरूर होने चाहिए। नागरिक अस्पताल में नवजात देखभाल इकाई में तीन साल पहले तक फायर सेफ्टी अलार्म की सुविधा थी। तीन साल पहले सीलिंग का कार्य किया गया, तब उसे हटा दिया गया था। इसके बाद दोबारा नहीं लगाया गया। झांसी में अस्पताल के एसएनसीयू आग लगने से बड़ी दुर्घटना हुई है, इससे जिम्मेदारों को सबक लेना चाहिए।
आपात स्थिति से निपटने के लिए दो निकास द्वार
नागरिक अस्पताल में ऑक्सीजन कंसंट्रेटर को बाहर बनाया गया है। अस्पताल में ऑक्सीजन की सप्लाई के लिए सीधे लाइन से जाेड़ा गया है। इसमें पाइपों के माध्यम से ऑक्सीजन सप्लाई की जाती है। इसमें सप्लाई को कंट्रोल करने के लिए कंट्रोलर लगाया गया है। किसी घटना के होने पर इसे बाहर से कंट्रोल किया जा सकता है। नवजात देखभाल इकाई में किसी भी प्रकार की आपात स्थिति से निपटने के लिए दो निकास द्वार भी हैं।
नवजात देखभाल इकाई में फायर सेफ्टी अलार्म नहीं होने का मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। इस बारे में अस्पताल अधिकारियों से जानकारी ली जाएगी।
- डॉ. ब्रह्मदीप सिंह, सिविल सर्जन, झज्जर