शीला बाईपास ओवरब्रिज पर मिस्टिक लेयर की तैयारी को लेकर बंद रास्ता। अमर उजाला
आमजन की सुविधा के लिए शीला बाईपास चौक पर बनाया गया फ्लाईओवर पीडब्ल्यूडी की लापरवाही को बयान कर रहा है। फ्लाईओवर के ऊपर चलने के साथ इसके नीचे से गुजरना भी जोखिम भरा है। क्योंकि न तो इसके ऊपर का कार्य पूरा हुआ है और न ही इसके नीचे लगाई गई सटरिंग की प्लेटें हटाई गई हैं। वहीं विभाग यह कहकर अपनी जिम्मेदारी पूरी कर रहा है कि उन्होंने अभी इसको खोला नहीं है। लोग खुद ही इस पर सफर कर रहे हैं।
शीला बाईपास फ्लाईओवर किसी बड़े हादसे को निमंत्रण दे रहा है। इसका निर्माण कार्य पूरा किए बिना ही इस पर करीब 20 दिन पहले से आवागमन शुरू हो गया है। फ्लाईओवर के नीचे अभी सर्विस रोड का काम चल रहा है। सबसे बड़ी लापरवाही तो यहां देखने को मिलती है कि पुल के नीचे पिलर पर कहीं-कहीं सटरिंग प्लेटें अभी लगी हुई हैं। सवाल उठता है कि अगर कोई सटरिंग प्लेट फिसलकर किसी राहगीर के ऊपर गिर जाय तो उसके लिए जिम्मेदार कौन होगा। संबंधित अधिकारियों से जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने पल्ला झाड़ते हुए कहा कि फ्लाईओवर पर लगे बैरिकेड्स विभाग ने नहीं, बल्कि लोगों ने खुद हटाए हैं। शीला बाईपास चौराहा शहर का सबसे व्यस्ततम चौराहा होने के चलते यहां अकसर जाम लगा रहता था। इसका समाधान करने के लिए पीडब्ल्यूडी ने करीब 68 करोड़ रुपये की लागत से बस स्टैंड से दिल्ली बाईपास की तरफ जाने वाले रास्ते पर फ्लाईओवर का निर्माण किया है। इस संबंध में विभाग का कहना है कि फ्लाईओवर का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। इस पर मिस्टिक लेयर का कार्य प्रगति पर है। इसके बावजूद इस पर रोजाना छोटे-बड़े सैकड़ों वाहन बेरोकटोक दौड़ सकते हैं।
फ्लाईओवर के नीचे लगाई गई सटरिंग प्लेट्स हटाना भूला विभाग
निर्माण के लिए फ्लाईओवर पर लगाई गई सटरिंग प्लेट्स अब तक नहीं हटाई गई हैं। रोजाना हजारों लोग फ्लाईओवर के नीचे से गुजरते हैं। सड़क से करीब 20 फीट ऊंचाई पर लगी इन प्लेटों को अगर निर्माण के लिए लगा रखा है तो विभाग ने चेतावनी बोर्ड तक लगाना उचित नहीं समझा है।
भारी वाहनों के कारण हादसे होने की संभावना ज्यादा
फ्लाईओवर पर कुछ निर्माण कार्य बचा हुआ है। टू-लेन फ्लाईओवर की एक ही लेन पर वाहन दौड़ रहे हैं। दौड़ते हुए वाहन प्रशासन की लापरवाही को दर्शा रहे हैं। यह लापरवाही किसी हादसे को निमंत्रण दे रही है। एक ही लेन पर दोनों तरफ आने-जाने वाहन ओवरटेक करते वक्त या साइड लेते वक्त हादसे की संभावना को बढ़ा रहे हैं। वहीं फ्लाईओवर पर भारी वाहनों का आवागमन भी हो रहा है। बस स्टैंड की तरफ आने-जाने वाली बसें फ्लाईओवर से ही गुजर रही हैं।
फ्लाईओवर निर्माण का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। इसकी सड़क पर मिस्टिक लेयर डालने का काम चल रहा है। दोनों लेन में एक-एक करके मिस्टिक लेयर डाली जाएगी। बारिश का मौसम होने के कारण मिस्टिक लेयर के काम में देरी हो रही है। इसको आवागमन के लिए विभाग ने नहीं खोला है। राहगीरों ने खुद बैरिकेड्स हटाकर आवागमन शुरू किया है। -अरुण कुमार, एसडीओ, पीडब्ल्यूडी।