रोहतक। विश्वभारती गुरुकुल लाढोत में संस्कृत भारती हरियाणा की चिंतन गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें संगठन के महत्त्वपूर्ण विषयों पर विचार विमर्श किया गया।
गोष्ठी का उद्घाटन गुरुकुल विश्वभारती के संस्थापक आचार्य हरिदेव उपाध्याय ने दीप प्रज्वलन के साथ किया। इसके बाद उत्तर क्षेत्रीय संगठन मंत्री नरेंद्र कुमार ने गोष्ठी में बताया कि हमें संगठन को मजबूत करने के लिए आत्मनिरीक्षण करने की आवश्यकता है। हमें अपने संगठन को जिला स्तर पर मजबूत करना होना। तभी संस्कृत का कार्य अच्छे तरीके से हो सकता है। उन्होंने जिला स्तर पर संस्कृत सम्मेलन आयोजित करने की बात भी कही।
प्रांत अध्यक्ष डॉ. सोमेश्वर दत्त ने कहा कि संस्कृत देव भाषा है, हमारा लक्ष्य संस्कृत का संरक्षण करना है। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं से अपने स्तर पर संस्कृत भाषा का प्रचार करने का आह्वान किया। प्रांत मंत्री प्रमोद शास्त्री ने बताया कि संस्कृत भारती निरंतर संस्कृत के प्रचार में संलग्न है। संगठन कि ओर से समय-समय पर संस्कृत संभाषण शिविरों का आयोजन किया जाता है। हमारा एक मात्र लक्ष्य संस्कृत को जन जन तक पहुंचाना है। इसके लिए प्रत्येक जिले में संभाषण शिविरों का आयोजन किया जाएगा। संस्कृत भारती न्यास के अध्यक्ष डॉ. रामनिवास ने कार्यकर्ताओं से संस्कृत के कार्य के प्रतिदिन एक घंटा निकालने की बात कही तथा नए लोगों को जोड़ने का आह्वान भी किया। गुरुकुल विश्वभारती के आचार्य नंदकिशोर ने संस्कृत भारती की ओर से किए जाने वाले कार्यों की प्रशंसा की तथा अपना सहयोग देने की बात भी कही।
गोष्ठी में उत्तर क्षेत्रीय संपर्क प्रमुख जोगेंद्र कुमार, प्रांत शिक्षण प्रमुख डॉ नवीन शर्मा, प्रांत सहमंत्री ईशम सिंह, भूपेंद्र कुमार, प्रांत साहित्य प्रमुख पुष्पेंद्र आत्रेय, आचार्य नंदलाल, रोहतक विभाग संयोजक डॉ. संजीव कुमार, कुरुक्षेत्र विभाग संयोजक डॉ. विनय त्रिपाठी, रोहतक जनपद सह संयोजक राहुल आर्य तथा विभिन्न प्रांत गण सदस्य, विभाग संयोजक, जनपद संयोजक तथा पदाधिकारी उपस्थित रहे।