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एनसीआर में सक्रिय लिंग जांच करने वाला गिरोह काबू, कार में पोर्टेबल मशीन से करते थे अल्ट्रासाउंड

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रेवाड़ी स्वास्थ्य विभाग की टीम ने यूपी के गाजियाबाद से संचालित लिंग जांच करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है। टीम ने गिरोह के सरगना, बिचौलिये व कार चालक सहित तीनों लोगों के साथ बिना पंजीकृत पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन व एक कार समेत 36 हजार रुपये बरामद किए हैं। पुलिस ने धारूहेड़ा थाने में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इसमें डिकॉय (बनावटी) गर्भवती बताकर आरोपियों को जाल में फंसाया गया। मुख्य आरोपी गाजियाबाद के सिहानी थाना के गांव गढ़ी निवासी बलवान सिंह पुत्र जयभगवान इससे पहले भी लिंग जांच के मामले में झज्जर के बेरी में पकड़ा जा चुका है। इसके अलावा आरोपी हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान व यूपी मेें अपना नेटवर्क चला रहे थे। नई दिल्ली के मंदौला खुर्द थाना क्षेत्र के जाफरपुर निवासी रामफल पुत्र चंद्रसिंह परिवार के साथ मिलकर बिचौलिये का काम करता था। पुलिस ने कार चालक दिल्ली निवासी मोहम्मद अब्दुला को भी गिरफ्तार किया है। चालक भी परिवार के साथ इस घिनौने काम में संलिप्त था। लड़का - लड़की बताने के लिए गिरोह की ओर से 80 हजार से लेकर एक लाख रुपये तक की वसूली की जाती थी।
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गर्भवती का चलती कार में करते थे अल्ट्रासाउंड
स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार गिरोह के मुख्य आरोपी गाजियाबाद निवासी बलवान सिंह की ओर से लंबे समय से यह घिनौना काम किया जा रहा है। रेवाड़ी स्वास्थ्य विभाग को रेवाड़ी को धारूहेड़ा क्षेत्र में भी इस गिरोह की ओर से इस तरह के काम करने की सूचना मिली थी। रविवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने एक पुलिसकर्मी को गर्भवती बताकर गिरोह के पास भेज दिया। बिचौलियों की मदद से रविवार का दिन पहले से ही तय हो चुका था। तय समय के अनुसार पुलिसकर्मी गर्भवती महिला बनकर धारूहेड़ा पहुंच गई, यहां पर आरोपियों ने उसे कार में बैठा लिया। किसी को शक न हो इसके चलते आरोपी कार में ही अल्ट्रासाउंड करते थे। अल्ट्रासाउंड के बाद महिला को कहां छोड़ा जाएगा, इसकी सूचना किसी को नहीं होती थी। रविवार को भी पांच घंटे तक आरोपी कार को घूमाते रहे।
पूरे एनसीआर में फैला हुआ है नेटवर्क
डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि डीसी यशेंद्र सिंह के आदेश पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से एक टीम का गठन किया गया था। सीएमओ डॉ सुशील माही के निर्देश पर रविवार को धारूहेड़ा में डिकॉय गर्भवती के बहाने गिरोह को पकड़ा गया है। मुख्य आरोपी बलवान सिंह इससे पहले भी बेरी में गिरफ्तार हो चुका है। इन लोगों का नेटवर्क एनसीआर में फैला हुआ है। आरोपी के साथ उसका छोटा भाई भी गाजियाबाद से ही गिरोह ऑपरेट करता है। इसके अलावा बिचौलिया रामफल व उसकी पत्नी भी इस गिरोह में शामिल है। इतना ही नहीं चालक व उसकी पत्नी भी लिंग जांच गिरोह से जुड़े होने की बात सामने आ रही है।
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