रोहतक। तिलियार झील स्थित होटल एवं पर्यटन प्रबंधन संस्थान (आईएचएम) में बुधवार को नेक्स्ट जेन रेवेन्यू मैनेजमेंट एवं हॉस्पिटेलिटी में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के अनुप्रयोग पर तीन दिवसीय राष्ट्रीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम का शुभारंभ हुआ।
कार्यक्रम में देश भर प्रतिष्ठित संस्थानों के प्रतिभागी व होटल प्रबंधक हिस्सा ले रहे हैं। नेशनल काउंसिल फॉर होटल मैनेजमेंट एंड कैटरिंग टेक्नोलॉजी के अकादमी डायरेक्टर डॉ. प्रियदर्शन सिंह लखावत ने बताया कि होटल प्रबंधन लगातार तकनीकी की ओर बढ़ रहा है।
कार्यक्रम के माध्यम से भारत के विभिन्न आईएचएम के प्रतिभागियों को रेवेन्यू मैनेजमेंट में एआई आधारित प्राइस डिटर्मनेशन, डिमांड फोरकास्टिंग, डिस्ट्रीब्यूशन चैनल मैनेजमेंट व होटल उद्योग में डिजिटल तकनीकों के प्रभावी उपयोग संबंधी विषयों पर जानकारी देना है।
संस्थान के व्याख्याता विकास देशवाल ने बताया कि कार्यक्रम में रेव अकादमी से रीतिका, शेफ अनिरुद्ध सेठी, शेफ विनोद सैनी, मानस मदान, पुरंजय, आईएचएम फरीदाबाद से प्राचार्य संदीप लोहानी, आईएचएम पानीपत प्राचार्य आलोक असवाल, आईएचएम यमुनानगर के प्रिंसिपल इंचार्ज रजत गुप्ता की ओर से विभिन्न तकनीकी व अकादमिक सत्रों का संचालन किया गया।
प्रथम दिन के कार्यक्रम समापन पर तिलियार झील आईएचएम प्राचार्य शंभू नाथ गौतम और कोऑर्डिनेटर डॉ. श्वेता कुमार ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।
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प्रथम व द्वितीय वर्ष में लागू हुआ हॉस्पिटेलिटी का नया पाठ्यक्रम
डायरेक्टर डॉ. प्रियदर्शन सिंह लखावत ने बताया कि राष्ट्रीय होटल प्रबंधन एवं खानपान प्रौद्योगिकी परिषद (एनसीएचएमसीटी) के अंतर्गत देश में 95 संस्थान हैं। हॉस्पिटेलिटी में तीन साल की डिग्री 100 प्रतिशत रोजगारोन्मुखी है। इसमें विद्यार्थियों के कोर्स करने से प्लेसमेंट 100 प्रतिशत है। प्रथम व द्वितीय वर्ष में एनईपी 2020 के तहत पाठ्यक्रम को शुरू किया जा चुका है। तृतीय वर्ष के विद्यार्थियों के लिए इसी सत्र से एआई आधारित पाठ्यक्रम शुरू होगा।