अखिल भारतीय नांदल खाप के तत्कालीन प्रधान महेंद्र सिंह नांदल के इस्तीफे के बाद रविवार को बोहर में नए प्रधान को चुना जाएगा। कई लोग प्रधानी की कतार में हैं और अंदर ही अंदर गुटबाजी भी चल रही है। अब देखना यह है कि पुरानी परंपरा के अनुसार सभी की सहमति के बाद शांतिपूर्वक तरीके से प्रधान चुना जाएगा या फिर विवादों के बीच।
दरअसल, पिछले माह महेंद्र सिंह नांदल ने प्रधान पद से इस्तीफा दे दिया था, जिसे कमेटी ने भी स्वीकार लिया था। तभी से नांदल खाप के प्रधान का पद खाली है। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार नए प्रधान के चुनाव के लिए रविवार को बोहर में नांदल खाप के गणमान्य लोगों की पंचायत होगी। खाप के संविधान के अनुसार इस पंचायत में सर्वसम्मति से प्रधान का चुनाव होना है।
फिलहाल के हालात देखें तो अंदर ही अंदर प्रधान पद कब्जाने को लेकर बड़े स्तर पर गुटबाजी चल रही है। प्रधान बनने का सपना संजोए बैठे कुछ लोग अपने-अपने समर्थन में खाप के लोगों को जोड़ रहे हैं। जिस तरह से गुटबाजी का दौर चल रहा है उससे तो नहीं लगता कि प्रधान का चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से हो पाएगा। खाप के गणमान्य लोग दावा कर रहे हैं कि सभी की सहमति के बाद प्रधान का चुनाव होगा, जिसमें कोई विवाद नहीं होगा।
प्रधान बनने की ये हैं शर्तें
पूर्व प्रधान महेंद्र सिंह नांदल ने बताया कि खाप के संविधान के अनुसार ही प्रधान का चुनाव होता है। इसमें शर्त यह है कि प्रधान बनने वाले की उम्र कम से कम 50 वर्ष हो। वह किसी राजनीतिक पार्टी का पदाधिकारी न हो। उसके खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज न हो और गांव उसको सर्वसम्मति से चुन ले। इस पंचायत में प्रधान का चुनाव होने के बाद 20 अक्तूबर को खाप के भाई मिलन समारोह में नए प्रधान को पगड़ी पहनाई जाएगी।
नांदल खाप के उत्तर प्रदेश और हरियाणा में हैं 53 गांव
नांदल खाप के पश्चिमी उत्तर प्रदेश समेत हरियाणा में 53 गांव हैं। इसमें करीब 30 गांव हरियाणा में हैं, जो रोहतक, झज्जर, पानीपत, सोनीपत, कैथल, गुड़गांव, कुरुक्षेत्र और भिवानी जिले के अंतर्गत आते हैं। बाकी गांव उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर, अलीगढ़ और आगरा के अंतर्गत आते हैं।