रोहतक । गन्ने का भाव बढ़ाने की मांग को लेकर किसान संगठनों का शुगर मिल भाली आनंदपुर में तीसरे दिन भी अनिश्चितकालीन धरना जारी रहा। धरने की अध्यक्षता जीतराम सुंदरपुर, रामकुवार, महाबीरखिड़वाली, रामकिशन चमारिया ने संयुक्त रूप से की। उन्होंने गन्ने के भाव को लेकर सरकार को चेतावनी दी कि अगर गन्ने के भाव जल्द नहीं बढ़ाये तो प्रदेशभर में आंदोलन को तेज किया जएगा।
धरने के दौरान किसान सभा के प्रदेश सचिव सुमित दलाल ने कहा कि सरकार की नीतियों के चलते किसान इस भयंकर सर्दी में दिन और रात शुगर मिलों में बाहर बैठने को मजबूर है। सरकार गन्ने का भाव बढ़ाने की घोषणा न करके किसानों की परीक्षा ले रही है, लेकिन किसान अपनी मांगों पर अडिग है। उन्होंने कहा कि कृषि मंत्री को बयानबाजी छोड़कर गन्ने के भाव बढ़ाने की घोषणा करनी चाहिए। उनकी बयानबाजी से किसान संतुष्ट नहीं है। सरकार की नीतियों के चलते आज पूरी खेती बाड़ी संकट में है। किसान आंदोलन में सरकार ने जो वादे किए थे, उनको भी लागू नहीं किया। प्रदेश में भूमि अधिग्रहण कानून के माध्यम से किसानों की जमीन को हड़पने की नीति को आसान बना दिया है। कृषि उत्पादों पर ग्रामीण विकास शुल्क के माध्यम से संकटग्रस्त किसानों पर और अधिक आर्थिक बोझ पड़ेगा, इससे किसानों में रोष है। किसान तो सरकार से आर्थिक सहायता की अपेक्षा कर रहे थे, क्योंकि सभी फसलों के लागत मूल्य में पिछले दौर में भारी वृद्धि हुई है। इस मौके पर चरण सिंह सूबेदार, किसान सभा जिला प्रधान प्रीत सिंह, सुमित दलाल, गांधी टिटोली, बिजेंद्र लीला सुंदरपुर, भूप टिटोली, नीरज सिलाना, जगबीर दिल्ली गेट, उमराव सिंह बेरी, रतिराम, राजपाल, राजकुमार भाली, हरकिशन, जसबीर, जयदेव, ममता महिला प्रधान सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।