सुबह होते ही घर के आंगन में हल्की धूप की किरणों के साथ बगिया में फूल अपनी सुगंध बिखेरते हो। मधुमक्खियों की गुंजार, तितिलियों का नृत्य सब मिलकर वसंत की आभा के उत्सव को गुनगुनाते हो यह प्राकृतिक सौंदर्य हर सुबह देखने को मिले तो मन को सुकून मिलता है।
ऐसा ही दृश्य आजादगढ़ निवासी गृहिणी पिंकी यादव ने अपनी बगिया में रचाया है उनकी बगिया में इन दिनों वसंत के फूलों की बयार देखने को मिल रही है। उन्होंने यह 2015 में बनाई थी। आंगन में बनी इस बगिया में अब 400 से ज्यादा पेड़ पौधे हैं। बीए पास पिंकी बताती हैं कि उनकी बगिया में फूलों के अलावा औषधीय व अन्य सुंदरता बढ़ाने वाले पौधे भी लगाए गए हैं। उनकी शादी 1996 में रोहतक निवासी देवेंद्र यादव से हुई जो सरकारी नौकरी में है। बगिया के पौधों की देखभाल में उनके पति देवेंद्र भी सहयोग करते हैं।
गुलाब का पौधा है यादगार :
लेफ्टिनेंट बेटी मनीषा ने 13 साल पहले गुलाब का पौधा लगाया था। उसे आज भी संरक्षित करके रखा है। प्रतिदिन सुबह उसमें पानी लगाना उसके फूलों की सुंदरता को निहारना उनकी दिनचर्या है।
प्रकृति को संजोने का है शौक :
उनकी आंगन की बगिया में पौधे लगाने में रचनात्मकता साफ नजर आती है। खाली बोतल, प्लास्टिक की पाइप और खाली टायरों का भी उन्होंने सुंदरीकरण के लिए उपयोग किया है। इनमें उन्होंने मिट्टी डालकर पौधे लगाए है जो अब अपनी हरियाली से बगिया की शोभा बढ़ा रहे हैं।
बगिया में इन प्रजातियों के पौधे :
बगिया में गेंदा, गुलाब, मोगरा, चांदनी, पेटूनिया, मधु कामिनी, बेगम बहार, गुलदाउदी, सदाबहार, मधुमालती, गुड़हल, हरसिंगार आदि फूलों की प्रजातियों के पौधे हैं। इसके अलावा तुलसी, अजवाइन, पुदीना, पत्थरचट्टा, एलोवेरा, सदाबहार, अपराजिता, लेमनग्रास व पान आदि औषधीय पौधे भी लगाए हैं। इन्हीं के पास मनी प्लांट, स्नेक प्लांट, बांस व पाम की अलग अलग प्रजातियों के पौधे भी लगाए हैं। मौसमी, नींबू, आम आदि फलों के पेड़ भी बगिया में हैं।
1-आजादगढ़ निवासी गृहिणी पिंकी अपने आंगन में बनाई बगिया में पौधों की देखभाल करते हुए। संवाद- फोटो : 1