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आढ़तियों के बायकाट करने से रुक सकती है सरसों की खरीद

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लॉक डाउन में मंगवार को नई अनाज मंडी में सरसों की खरीदारी के लिए मंडी में जमीदारों से खरीदे जाने वा - फोटो : RohtakCity
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रबी सीजन की सबसे पहली फसल सरसों की खरीद पर ग्रहण लग गया है। सरसों की सरकारी खरीद 15 से 19 अप्रैल तक होनी है। लेकिन आढ़तियों ने इसके बायकाट का एलान कर दिया है। देर शाम तक प्रशासन आढ़तियों को मनाने से लेकर वैकल्पिक इंतजाम करने में जुटा रहा।
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सरसों की खरीद से पहले ही आढ़तियों ने कुछ मुद्दों पर नाराजगी जता दी थी। दो दिन पहले राज्य स्तर पर उनकी सूबे के आला अधिकारियों के साथ बैठक हुई थी, जिसमें कोई नतीजा नहीं निकला था। सोमवार को रोहतक के आढ़तियों ने खरीद के बायकाट का एलान कर दिया था। सरसों की खरीद में कमीशन कम करने, ऑनलाइन सिस्टम और मजदूरों की किल्लत में सरकार के कुछ न करने से आढ़तियों में नाराजगी है। मंगलवार सुबह जिले की चारों मंडियों के आढ़तियों की बैठक रोहतक अनाज मंडी में हुई। इसमें रोहतक के प्रधान डिंपल, महम के धरमवीर सिवाच, कलानौर के विजेंदर लाकड़ा और सांपला के अशोक गुप्ता भी शामिल हुए। इसमें खरीद के बायकाट पर मुहर लगा दी गई। दोपहर में मार्केट कमेटी सचिव दीपक लोहचब ने आढ़तियों के साथ मीटिंग की, पर वे नहीं माने। आखिर शाम चार बजे डीसी आरएस वर्मा खुद मंडी पहुंचे और एक घंटे तक आढ़तियों के साथ बैठक की। लेकिन समस्याएं जिलास्तर की नहीं थीं, इसलिए कोई समाधान नहीं निकल सका। आढ़ती अपने रुख पर डटे रहे। उन्होंने साफ कह दिया कि वे सरसों की खरीद नहीं करेंगे, सरकार ने कुछ नहीं किया तो गेहूं में भी यही स्टैंड रहेगा।
आढ़तियों की मांगें
1. सरकार ने सरसों में आढ़तियों का कमीशन 2.5 प्रतिशत से घटाकर .90 फीसदी कर दिया। आढ़ती इसे 2.5 प्रतिशत करने की मांग कर रहे हैं।
2. सरकार ने ऑनलाइन सिस्टम लागू कर पैसा किसानों के खातों में ट्रांसफर करने का प्रावधान किया है। आढ़तियों का कहना है कि चुनिंदा लोगों को कंप्यूटर आता है, यह लागू करना संभव नहीं, पेमेंट उनके माध्यम से दी जाए।
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3. खरीद सीजन में 95 फीसदी बिहार के मजदूर काम करते हैं, जो अपने घर लौट गए हैं। आढ़तियों की मांग है कि सरकार केंद्र से बात कर उन्हें लाने की व्यवस्था करे।
संभावनाएं
1. आढ़ती सुबह तक मान जाएं और सरकारी शर्तों के मुताबिक ही खरीद शुरू कर दें। इससे सभी संबंधित पक्षों को राहत मिलेगी।
2. अगर आढ़ती नहीं मानते हैं तो हैफेड की एक सोसायटी है, उसके जरिये खरीद की जाएगी। उस स्थिति में गेट पास में किसान के साथ सोसायटी का नाम होगा। तीन साल पहले भी हैफेड सोसायटी के जरिये फसल खरीद चुका है।
प्रशासन ने सरसों की खरीद के सारे प्रबंध मुकम्मल कर लिए गए हैं। खरीद में सोशल डिस्टेंसिंग पर खास ध्यान रखा जाएगा। कोरोना जैसे संकट के समय आढ़ती दबाव डालकर अपनी मांगें मनवाना चाहते हैं। इससे पूरे समाज में इनके खिलाफ गलत मैसेज जाएगा। मौजूदा हालातों को देखते हुए इन्हें खरीद में प्रशासन का सहयोग करना चाहिए।
आरएस वर्मा, उपायुक्त, रोहतक
इतिहास में पहली बार हुआ है कि आढ़तियों का कमीशन 2.5 प्रतिशत से घटाकर .90 फीसदी कर दिया गया है। मजदूरों की समस्या पर भी सरकार कोई मदद करने को तैयार नहीं है। सरकार द्वारा लागू ऑनलाइन सिस्टम आढ़तियों के बस से बाहर है क्योंकि बहुत कम लोगों को ही कंप्यूटर आता है।
डिंपल, प्रधान आढ़ती एसोसिएशन रोहतक अनाज मंडी।
जिले की चारों मंडियों में 27 हजार टन सरसों आने की उम्मीद
रोहतक। सरसों की खरीद 15 से 19 अप्रैल तक जिले की चार मंडियों रोहतक, कलानौर, महम और सांपला में की जाएगी। इस बार चारों मंडियों में खरीद की जिम्मेदारी सरकार की एजेंसी हैफेड को दी गई है। जिले में सरसों का रकबा 9.5 हजार हेक्टेयर है और एमएसपी 4425 रुपये प्रति क्विंटल रखा गया है। फसल बेचने के लिए 6600 लोगों ने मेरी फसल, मेरा ब्योरा पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करवाया था। जिले में 37 हजार हेक्टेयर रकबे का रजिस्ट्रेशन हुआ है। खरीद एजेंसियों को जिले भर से करीब 27 हजार टन फसल मंडियों में आने की उम्मीद है। खरीद एजेंसी हैफेड के अधिकारियों ने तैयारियां मुकम्मल करने का दावा किया। हैफेड ने चारों मंडियों में अपना एक-एक पर्चेजर तैनात कर दिया है। स्टाफ के लिए मास्क और सैनिटाइजर का इंतजाम किया गया है। बोरियां समेत सारा पैकिंग मैटीरियल भी मंडियों में पहुंचा दिया गया है। खरीद के बाद फसल को वेयरहाउस तक पहुंचाने के लिए लेबर और ट्रांसपोर्ट के टेंडर पहले ही किए जा चुके हैं। खरीद के बाद किसानों को अदायगी सीधे उनके खातों में की जाएगी।
सुबह-शाम 25-25 किसानों को बुलाया, दो शिफ्टों में होगी खरीद
रोहतक। मंडियों में खरीद सीजन के दौरान सारे इंतजाम करने की जिम्मेदारी मार्केट कमेटी की है। जिसने रजिस्ट्रेशन के आधार पर किसानों का रोस्टर तैयार कर लिया है। मार्केट कमेटी चेयरमैन दीपक लोहचब ने बताया कि रोजाना सुबह नौ से दोपहर दो बजे और दोपहर ढाई से शाम छह बजे की दो शिफ्टों में खरीद होगी। पहले दिन 15 अप्रैल को दोनों शिफ्टों में 25-25 किसानों को फोन कर बुलाया गया है, स्टाफ ने उन्हें एसएमएस भी किए हैं। अगले दिन से दोनों शिफ्टों में 50-50 किसानों को बुलाया जाएगा। गेट पास आदि बनाने के लिए टैब का इंतजाम किया गया है।

लॉक डाउन के बीसवें दिन नई अनाज मंडी में सरसों की खरीदारी के लिए मंडी सचिव सक्षम योजना के तहत आए युव- फोटो : RohtakCity

लॉक डाउन के बीसवें दिन नई अनाज मंडी में सरसों की खरीदारी के लिए मंडी सचिव के कार्यालय पर सरसों बेच?- फोटो : RohtakCity

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