झज्जर। नगर परिषद जल्द ही शहर में पड़ी अपनी प्रॉपर्टी की पहचान करने के बाद उसकी पैमाइश कराएगा। इसके बाद इस जगह का विकास कार्यों के लिए प्रयोग किया जाएगा। इसके लिए नगर परिषद की तरफ से जिला राजस्व अधिकारी को पत्र लिखा जाएगा ताकि वह पटवारियों की ड्यूटी लगाकर नगर परिषद की जमीन की पैमाइश करवाएं।
नगर परिषद की शहर में काफी जमीन पड़ी हुई है। काफी जमीन ऐसी भी है, जिन पर कब्जे किए हुए हैं। कई जमीनों पर कोर्ट केस चले हुए हैं। कुछ जमीन पर नगर परिषद विकास के काम भी करवा रही है। काफी सारी जमीन ऐसी भी हैं, जिनके बारे में नगर परिषद अधिकारियों को पूरी तरह से जानकारी ही नहीं है। रिकार्ड में वह जमीन कौन प्रयोग कर रहा है या कब्जा किया हुआ है या वह जमीन कहां पर हैं, इसके बारे में जानकारी पूरी नहीं है। इसलिए नगर परिषद की तरफ से शहर में स्थित सभी प्राॅपर्टी की पैमाइश करवाई जाएगी। इसके तहत शहर में किस एरिया में कितनी नगर परिषद की जमीन खाली है, कितने पर कब्जा किया हुआ है और कितनों पर कोर्ट केस जारी है, उसकी पूरी जानकारी एकत्रित की जाएगी। इसके लिए नगर परिषद के अधिकारियों की तरफ से जिला राजस्व अधिकारी को पत्र लिखकर पैमाइश कराने की मांग की जाएगी ताकि सारी जमीन का पता लग सके।
विकास कार्यों के प्रयोग में लाई जा सकेगी जमीन
नगर परिषद की जमीनों की पैमाइश होने के बाद उसका प्रयोग विकास के कार्यों के लिए किया जा सकेगा। जमीन के हिसाब से विकास कार्यों के लिए प्रोजेक्ट तैयार किए जा सकेंगे।
जिला नगर आयुक्त के सामने उठा था मामला
शहर में नगर परिषद की विभिन्न प्रॉपर्टी को लेकर पिछले दिनों मामला जिला नगर आयुक्त के सामने उठा था। जिला नगर आयुक्त ने सभी अधिकारियों को प्रॉपर्टी की पहचान करने के आदेश दिए थे।
वर्जन
शहर में नगर परिषद की सभी प्राॅपर्टी की पैमाइश करवाई जाएगी ताकि पता लग सके कि कितनी प्रॉपर्टी है। उसके हिसाब से विकास कार्य भी करवाए जा सकेंगे।
- जिले सिंह सैनी, चेयरमैन, नगर परिषद, झज्जर