प्रदेश सरकार द्वारा प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री के लिए लागू किया गया सिस्टम अभी आम आदमी की समझ से बाहर है। वहीं व्यवस्था में सुधार होने की उम्मीद जगी है। एक तो निगम का 9 साल बाद शुरू हुआ प्रॉपर्टी टैक्स सर्वे 70 प्रतिशत पूरा हो गया है, दूसरी शहर की सनसिटी, वन सिटी, ओमैक्स व सेक्टर 27 का ले आउट प्लान व रिकॉर्ड निगम को मिल गया है। निगम रिकॉर्ड की जांच पड़ताल कर सभी प्रॉपर्टी की आईडी बनाएगा, ताकि आम लोगों को परेशानी न झेलनी पड़े। इसके अलावा निगम ने नागरिक सुविधा केंद्र पर काउंटर नंबर 4 व 5 पर स्टाफ 6 से बढ़ाकर 9 कर दिया है, जहां आम लोगों का आ रही दिक्कतों को दूर किया जाएगा।
पहले रजिस्ट्रेेशन करें, फिर ऑनलाइन आईडी डालते ही आएगा प्रॉपर्टी का ब्योरा
निगम के मुताबिक सबसे पहले आम आदमी को यूएलबीएचआरवाई.ओआरजी.इन पर अपना रजिस्ट्रेशन करना होगा। मोबाइल नंबर डालते ही ओटीपी आएगा। नंबर दोबारा डालते ही पंजीकरण हो जाएगा। इसके बाद अपनी प्रॉपर्टी का आईडी नंबर डालते ही पूरा रिकॉर्ड आ जाएगा। प्रॉपर्टी किसके नाम है, कितना क्षेत्रफल है। कितना प्रॉपर्टी टैक्स व विकास शुल्क जमा करवाया गया है। अगर रिकॉर्ड गलत दिखाई दे रहा है तो आपत्ति वाले कॉलम में ब्योरा डालना होगा, जो निगम के पास आ जाएगा। निगम उसे रिकॉर्ड देखकर ठीक कर देगा। मोबाइल एसएमएस से प्रॉपर्टी मालिक को पता लग जाएगा। इसके अलावा निजी बिल्डर और एचएसवीपी ने नगर निगम को विस्तृत रिकॉर्ड का ब्योरा सौंप दिया है।
प्रॉपर्टी अवैध दिखा रहा है तो काउंटर नंबर 4 पर आएं
निगम के मुताबिक काफी लोगों की शिकायत है कि उनका एरिया वैध है, लेकिन ऑनलाइन अवैध बताया जा रहा है। एक्सपर्ट ने बताया कि ऐसा रिकॉर्ड अपडेट न होने के कारण हो रहा है। इसके लिए आवेदक को नागरिक सुविधा केंद्र के काउंटर नंबर 4 पर रजिस्ट्री की कॉपी, विकास शुल्क व प्रॉपर्टी टैक्स की रसीद जमा करानी होगी। निगम बिल्डिंग ब्रांच से रिकॉर्ड लेगा। अगर एरिया वैध हो चुका है तो निगम खुद ऑनलाइन अपडेट कर देगा। इसकी सूचना मोबाइल एसएमएस से प्रॉपर्टी मालिक तक पहुंच जाएगी।
प्रॉपर्टी आईडी नहीं तो रिकॉर्ड जमा करवाएं
अधिकारियों का कहना है कि काफी लोगों ने प्रॉपर्टी कई टुकड़ों के बेच दी। उसकी रजिस्ट्री तो है, लेकिन आईडी एक ही दिखाई दे रही है। क्योंकि रिकॉर्ड को अपडेट नहीं करवाया गया। अब संबंधित व्यक्ति प्रॉपर्टी से जुड़ी सभी रजिस्ट्री, प्रॉपर्टी टैक्स व विकास शुल्क की रसीद जमा करवा दें। तत्काल अलग से आईडी बना दी जाएगी।
निगम के रिकॉर्ड में आउटर की अब तक पंजीकृत प्रॉपर्टी
वन सिटी : 934
सनसिटी : 1963
सेक्टर एक : 2708
सेक्टर 2 : 2429
सेक्टर 3: 2267
सेक्टर 4 : 1902
सेक्टर 5 : 950
सेक्टर 6 : 271
अगर किसी को नगर निगम से एनओसी लेने में दिक्कत आ रही है तो वह काउंटर नंबर 4 व 5 पर प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री, विकास शुल्क व प्रॉपर्टी टैक्स की रसीद जमा करवा दें। दो से तीन दिन में दिक्कत दूर हो जाएगी। दूसरा, अगर प्रॉपर्टी आईडी बनवानी है तो काउंटर नंबर 10 पर रिकॉर्ड जमा करवाएं। निजी सोसायटी व सेक्टरों में अगर प्रॉपर्टी है तो अलॉटमेंट पत्र भी देना होगा। दूसरा नगर निगम का प्रॉपर्टी टैक्स का सर्वे 70 प्रतिशत पूरा चुका है। जैसे रिकॉर्ड अपडेट होगा, निगम खुद भी आईडी बनाएगा।
जगदीश चंद्र, जोनल टैक्स ऑफिसर, नगर निगम।