रोहतक। चुनावी साल में नगर निगम प्रॉपर्टी टैक्स की वसूली नहीं कर सका। वित्त वर्ष पूरा होने में मात्र तीन माह 24 दिन बचे हैं, जबकि निगम 60 प्रतिशत राशि ही रिकवर कर सका है। अकेले टॉप 210 बकायदारों में निगम के 6 करोड़ 30 लाख रुपये फंसे है। ऐसे में संयुक्त आयुक्त ने डीएमसी जितेंद्र कुमार व जेडटीओ जगबीर सिंह को नोटिस जारी किया है।
नगर निगम ने साल 2024-25 के बजट में प्रॉपर्टी टैक्स वसूली का टारगेट 35 करोड़ रुपये रखा गया था। अब तक 22 करोड़ की राशि भी नहीं जमा हुई है। बकायदारों में रियल एस्टेट की कंपनी ही नहीं, स्कूल, मॉल, कोचिंग सेंटर, कारोबारियों से लेकर आम व्यापारी तक शामिल हैं। सरकारी विभागों में भी निगम का करोड़ों रुपये का टैक्स फंसा हुआ है।
टैक्स वसूली में नाकामी के पीछे तीन अहम वजह
-सबसे बड़ी वजह प्रॉपर्टी टैक्स के रिकाॅर्ड में त्रुटियां होना हैं। आम लोग अगर टैक्स जमा करवाना चाहे, लेकिन त्रुटियों की वजह से रिकॉर्ड सही नहीं है।
-चालू वित्त वर्ष में पहले लोकसभा व फिर विधानसभा चुनाव हुए। चुनावी साल में निगम सीलिंग कार्रवाई नहीं कर सका। इसके कारण छूट के बावजूद प्रॉपर्टी टैक्स की रिकवरी नहीं हो सकी। -विधानसभा चुनाव से पहले सरकार ने 30 सितंबर तक बकाया प्रॉपर्टी टैक्स पर पूर्ण ब्याज माफी व चालू वित्त वर्ष के टैक्स को स्वयं प्रमाणित करने पर 15 प्रतिशत की छूट दे रखी थी। अब किसी तरह की छूट नहीं है। इस कारण अक्तूबर व नवंबर में टैक्स जमा कराने के लिए चंद लोग ही आ रहे हैं।
तीन साल प्रॉपर्टी टैक्स रिकवरी में निगम का प्रदर्शन
वित्त वर्ष तय लक्ष्य रिकवरी
2022-23 55 करोड़ 36 करोड़
2023-24 36 करोड़ 26 करोड़
2024-25 35 करोड़ अभी तक 21 करोड़ वसूली
210 लोगों को भेजे नोटिस, जमा न कराने पर करेंगे सीलिंग
निगम की तरफ से 210 लोगों को प्रॉपर्टी टैक्स जमा कराने के लिए नोटिस दिया गया है। 15 दिन में राशि जमा न कराने पर निगम सीलिंग अभियान चलाएगा। लोगों से आग्रह है कि वे समय पर टैक्स जमा करवाएं। अगर त्रुटि है तो उसे दूर करवा सकते हैं।
जगबीर सिंह, जोनल टैक्स ऑफिसर नगर निगम
टैक्स रिकवरी को लेकर डीएमसी जितेंद्र कुमार व जेडटीओ जगबीर सिंह को नोटिस दिया गया है। बकाया प्रॉपर्टी टैक्स वसूली करवाएं, नहीं तो उनसे जवाब मांगा जाएगा। इसके लिए पुख्ता कदम उठाए जाएं।
भूपेंद्र सिंह, संयुक्त आयुक्त नगर निगम