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कलानौर नपा प्रधान की कुर्सी गई, पार्षदों का अविश्वास प्रस्ताव पास

Thu, 21 Jul 2016 01:53 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
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नगर पालिका कार्यालय में कुर्सी के लिए चली वोटिंग से खुद चेयरमैन और दो पार्षद रहे नदारद - फोटो : demo pic
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आखिरकार कलानौर के कांग्रेसी नपा प्रधान राकेश बतरा की कुर्सी चली ही गई। लगातार उठ रहे विरोध के बीच कलानौर से कांग्रेस विधायक शकुंतला खटक भी अपनी पार्टी के प्रधान की कुर्सी नहीं बचा सकीं। बुधवार को नगरपालिका कार्यालय में जुटे पार्षदों ने प्रधान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पास कर दिया और बतरा को कुर्सी से हटा दिया। पहले की स्थिति को भांपते हुए खुद चेयरमैन और दो पार्षद मीटिंग में नहीं पहुंचे। 15 में से 12 पार्षदों ने वोट डाला, जिनमें से दो रद्द हो गए और 10 पार्षद प्रधान के खिलाफ मिले। अविश्वास प्रस्ताव पास होते ही चुनाव से दो साल पहले ही प्रधान को सीट से हटना पड़ा। कुर्सी खाली होते ही सभी ने उसके लिए जुगत लगानी शुरू कर दी, लेकिन फिलहाल वाइस चेयरमैन विष्णु को इसकी जिम्मेदारी मिल सकती है।
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नगरपालिका चेयरमैन की कुर्सी पर जुलाई 2013 में काबिज होने वाले राकेश बतरा की राह में पहले भी कई बार रोड़े आए। उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए पार्षदों ने पहले भी हुंकार भरी, लेकिन हर बार बतरा कुर्सी बचा जाते। पिछले महीने एक बार फिर से 12 पार्षदों ने चेयरमैन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए मोर्चा खोला। पार्षदों ने सीटीएम महेंद्रपाल से मिलकर चेयरमैन के खिलाफ शपथ पत्र सौंपेे। सीटीएम ने मामला एसडीएम डा. मुनीश नागपाल को सौंप दिया। एसडीएम ने अविश्वास प्रस्ताव के लिए वोटिंग कराने को 20 जुलाई की तारीख तय की। लेकिन इससे पहले कांग्रेस की विधायक शकुंतला खटक ने पार्षदों को मनाने का प्रयास किया। उनको केवल एक बार चेयरमैन की कुर्सी बचाने के लिए कहा, लेकिन पार्षद पूरी तरह से तय किए हुए थे कि वे किसी भी तरह से चेयरमैन का साथ नहीं देंगे। तय कार्यक्रम के तहत बुधवार को नगर पालिका कार्यालय में बैठक शुरू हुई। इसमें पालिका के 15 पार्षदों में से 12 शामिल हुए और सभी ने वोट डाला। वोटिंग प्रक्रिया 20 मिनट तक चली और इसके बाद गिनती शुरू की गई। 12 वोटों में 2 को सही जगह निशान नहीं लगने से निरस्त कर दिया गया और चेयरमैन के खिलाफ 10 वोट पड़े। जबकि खुद चेयरमैन राकेश बतरा, वार्ड 3 की पार्षद पुष्पा गिरधर व वार्ड 12 के पार्षद कोकन राम बैठक में शामिल नही हुए। 10 वोट खिलाफ जाने से चेयरमैन राकेश बतरा की कुर्सी छिन गई। लेकिन एक वोट भी कम रह जाता तो शायद अविश्वास प्रस्ताव अधूरा रह जाता।

चेयरमैन बनने को जोड़तोड़, वाइस चेयरमैन को मिल सकती है कुर्सी

चेयरमैन की कुर्सी खाली होने के बाद नया जोड़तोड़ शुरू हो गया है। क्योंकि राकेश बतरा कांग्रेस पार्टी से ताल्लुक रखते हैं, जबकि इस समय प्रदेश में भाजपा की सरकार है। इस कारण यह भी माना जा रहा है कि भाजपा पार्षद कुर्सी के लिए जोर लगा सकते हैं। लेकिन यहां केवल एक ही भाजपा पार्षद है, जिससे उनको कुर्सी तक पहुंचना भारी पड़ सकता है। वहीं इस समय वाइस चेयरमैन को कुर्सी मिल सकती है। क्योंकि चेयरमैन की कुर्सी खाली होने के बाद वाइस चेयरमैन को जिम्मेदारी मिलती है। हालांकि सभी 12 पार्षद खुद को कुर्सी के लिए दावेदार मानकर चल रहे हैं।
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लोगों का सहयोग मिला, आभारी रहूंगा: राकेश बतरा

चेयरमैन की कुर्सी छिनने के बाद राकेश बतरा का कहना है कि ईमानदारी और बेईमानी की लड़ाई होती रही, लेकिन मैं हमेशा ईमानदारी के साथ आगे बढ़ता रहा। मुझको आम लोगों का पूरा सहयोग मिला और पार्षद मेरे से कटते चले गए। भले ही मैं चेयरमैन नहीं रहा, लेकिन आम लोगों की सेवा में हमेशा लगा रहूंगा। मुझमें 3 साल तक विश्वास जताने पर पार्षदों का आभार। कुछ पार्षद मुझे अवैध काम करने के लिए उकसाते रहते थे ताकि वे जनता का पैसा हड़प सकें, लेकिन मैंने ऐसा नहीं किया। इस कारण ही मुझे हटाने की पूरी योजना बनाई गई।

भ्रष्टाचार से मिलेगी मुक्ति: विष्णु

नगर पालिका के वाइस चेयरमैन विष्णु कहते हैं कि चेयरमैन ने पूरी तरह से भ्रष्टाचार फैलाया हुआ था। उनके हटने से भ्रष्टाचार पूरी तरह से खत्म हो जाएगा। क्योंकि वहे हर काम में भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहे थे। मैं खुद किसी भी पार्टी से ताल्लुक नहीं रखता हूं और चेयरमैन के खिलाफ केवल उनके गलत कार्यों के कारण थे। मैं नगर पालिका में सबसे पुराना हूं और 2003 से लोगों की सेवा कर रहा हूं।

पुलिस सुरक्षा के बीच आया अविश्वास प्रस्ताव

प्रधान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के लिए हुई बैठक के दौरान नगरपालिका कार्यालय के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई। किसी तरह की कोई अशांति न हो, इसके लिए नगर पालिका कार्यालय में वोटिंग शुरू होने के साथ ही गेट भी बंद कर दिए गए। डीएसपी विजय कुमार, एसएचओ जगबीर सिंह व चौकी प्रभारी सीलक राम मौजूद रहे।
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