नगर निगम हाउस की आठ माह बाद हुई बैठक गरमा गरमी के बीच लगातार पांच घंटे चली। बैठक में पहली बार तीन नए अध्याय लिखे गए। हाउस में पहली बार कांग्रेस विधायक भारत भूषण बत्रा व शकुंतला खटक मौजूद रहे। हाउस में गढ़ी बोहर के कम्यूनिटी सेंटर के नामकरण को लेकर भाजपा के वार्ड नंबर 7 से पार्षद मनोज कुमार व 9 से पार्षद जयभगवान ठेकेदार आपस में भिड़ गए। हालात हाथापाई तक आ गई। किसी तरह साथी पार्षदों ने दोनों में बीच बचाव कराया। हाउस के बाहर मौजूद पुलिसकर्मी भी अंदर आ गए। हंगामे के चलते मेयर मनमोहन गोयल ने प्रस्ताव को ठंडे बस्ते में डाल दिया। कहा, जब दोनों पक्ष सहमत हो जाएंगे, तभी कम्यूनिटी सेंटर के नामकरण पर कोई निर्णय होगा। पूरा घटनाक्रम चिंता का विषय है। पार्षदों के बीच ऐसे नहीं होना चाहिए था।
गढ़ी बोहर गांव वार्ड नंबर 9 में आता है, जहां मारुति की तरफ से कम्यूनिटी सेंटर बनवाया गया था, जिसके नामकरण को लेकर कुछ लोगों ने निगम से मांग की कि कम्युनिटी सेंटर का नाम दक्ष प्रजापति सामुदायिक केंद्र रखा जाए। पिछली बैठक में भी प्रस्ताव आया था, लेकिन वार्ड पार्षद के विरोध के चलते प्रस्ताव पास नहीं हुआ। इसी बीच नगर निगम की तरफ से एक दिन पहले एजेंडे में प्रस्ताव नंबर 12 में बताया गया कि, 17 पार्षदों ने गढ़ी बोहर गांव में बनाए गए कम्युनिटी सेंटर का नाम दक्ष प्रजापति के नाम पर रखने पर सहमति पत्र दिया है। वीरवार को जैसे ही यह प्रस्ताव एटीपी तिलक कुमार ने हाउस के पटल पर रखा, तत्काल वार्ड 9 के पार्षद जयभगवान ठेकेदार ने विरोध किया। बोले, कम्यूनिटी सेंटर पूरे समाज के लिए है। ऐसे में नामकरण न किया जाए। बगल में बैठे वार्ड 7 के पार्षद मनोज कुमार ने कहा कि, जब हाउस में 22 में से 17 पार्षद इस प्रस्ताव पर सहमत हैं तो क्यों विरोध किया जा रहा है। इसी बात को लेकर दोनों के बीच बहस और बाहर निकल कर एक-दूसरे को देख लेने की बात होने लगी। मामला इतना बढ़ा कि दोनों के बीच हाथापाई हो गई, लेकिन वार्ड 6 के पार्षद सुरेश किराड़, 10 के पार्षद राहुल व 3 के पार्षद तिलकराज चौहान ने समय रहते बीचबचाव करवा दिया। हंगामे के चलते हाउस के बाहर मौजूद पार्षद पति व पुलिस भी अंदर आ गई। मेयर ने प्रस्ताव को ठंडे बस्ते में डाल दिया। इसके बाद मामला शांत हो गया।
हाउस में पहली बार पहुंचे कांग्रेस विधायक बीबी बतरा व शकुंतला खटक
नगर निगम हाउस के इतिहास में पहली बार कांग्रेस विधायक भारत भूषण बतरा व कलानौर से विधायक शकुंतला खटक न केवल आए, बल्कि दो दिन पहले एजेंडा भी निगम प्रशासन को दे दिया था। बतरा ने न केवल प्रॉपर्टी टैक्स, बल्कि डेयरी शिफ्टिंग, अमृत प्रोजेक्ट, पेयजल व सीवरेज से लेकर पार्किंग व दूसरे मुद्दों पर अपनी राय रखी और निगम के अधिकारियों को कानूनी दृष्टिकोण समझाए। वहीं, विधायक शकुंतला खटक ने अपने एरिया के लोगों की सीवरेज, पानी, सुनारिया गांव में स्टेडियम से लेकर दूसरे शहर के मुद्दों पर सवाल किए।
पहली बार पार्षद पति व प्रतिनिधि रहे हाउस से बाहर, महिला पार्षद अंदर
नगर निगम में 22 में से 9 महिला पार्षद हैं, जो न केवल खुद हाउस की बैठक में पहुंचीं, बल्कि अपने वार्ड के लोगों के प्रस्ताव भी रखे। इसमें वार्ड 2 से सुमन सैनी, 5 से गीता, 12 से मंजु हुड्डा, 13 से कंचन खुराना, 16 से डिंपल जैन, 18 से दीपिका नारा, 19 से मुक्ता नागपाल, 20 से पूनम किलोई व 22 से संतोष देवी शामिल हैं। कई पार्षद पति जहां हाउस से बाहर रहे, जबकि कई आए ही नहीं।
हाउस के अंदर दो पार्षदों के बीच गढ़ी बोहर के कम्यूनिटी सेंटर के नामकरण पर जो घटनाक्रम हुआ, वह गलत है। जनप्रतिनिधियों को ऐसा व्यवहार नहीं करना चाहिए। 22 में से 17 पार्षदों ने लिखित में प्रस्ताव दिया था कि कम्यूनिटी सेंटर का दक्ष प्रजापति के नाम पर रखा जाए। वार्ड के पार्षद 9 के पार्षद जयभगवान इससे सहमत नहीं हैं। जब तक दोनों पक्षों में सहमति नहीं बन जाती, तब तक प्रस्ताव ठंडे बस्तेे में रहेगा।
-मनमोहन गोयल, मेयर नगर निगम।