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डेयरी प्लॉट की खुली बोली रद्द

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नगर निगम की तरफ से सोमवार को डेयरी प्लॉटों की खुली बोली का रद्द कर दिया गया है और डेयरी संचालकों को बातचीत के लिए बुलाया है। उधर डेयरी संचालकों को कहना है कि निगम की तरफ से उनकी दो मांगें लगभग मान ली गई हैं, सिर्फ एक मांग पर निगम अड़ा हुआ है। अगर निगम उनकी मांगें नहीं मानता है तो पहले की तरह वह बोली का विरोध जारी रखेंगे।
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बता दें कि पशु डेयरी संचालक शुरू से ही डेयरी प्लॉटों की खुली बोली का विरोध कर रहे हैं। उनकी मांग है कि डेयरी प्लॉटों को खुुुली बोली की बजाय ड्रॉ सिस्टम से आवंटित किया जाए। साथ ही प्लॉट बिना ब्याज के किश्तों में दिए जाए। उधर निगम प्रशासन का कहना है कि वह सरकार के आदेशानुसार ही डेयरी प्लॉटों की खुली बोली करवा रहे हैं।
निगम प्रशासन को बोली करवाने को लेनी पड़ी थी पुलिस की मदद
डेयरी संचालक हर दफा बोली कार्यक्रम में बाधा डालते हैं। यही नहीं इस कारण से 22 दिसंबर को निगम प्रशासन को पुलिस की मौजूदगी में बोली करवानी पड़ी थी। हालांकि पुलिस भी डेयरी संचालकों को हंगामा करने से नहीं रोक सकी थी। इसी को देखते हुए निगम ने 4 जनवरी को उपायुक्त कार्यालय के जिला सभागार में बोली करवाने का फैसला किया था।
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23 डेयरी प्लॉटों की हो चुकी है बोली
निगम प्रशासन के अनुसार अभी तक 23 डेयरी प्लॉटों को बोली करवाई जा चुकी है। अब 410 प्लॉटों में से 387 प्लॉट बचे हैं। इनमें मुख्य रूप से 1000 वर्गगज, 500 वर्गगज, 350 वर्गगज व 250 वर्गगज के प्लॉट है।
ये सुविधाएं होंगी उपलब्ध
डेयरी प्लॉटों के लिए निगम प्रशासन द्वारा साउथ बाइपास पर 50 एकड़ भूमि चिह्नित की गई है। यहां डेयरी संचालकों के लिए पार्किंग, पशुओं के लिए तालाब, चारामंडी, गोबर गैस प्लांट, कम्युनिटी सेंटर, कैटल हॉस्टल, चिलिंग प्लांट, ऑटोमैटिक मिल्किंग प्लांट, मिल्क कलेक्शन सेंटर, शॉपिंग सेंटर, कैफेटेरिया, वेटरनरी अस्पताल व एसटीपी प्लांट की सुविधा भी उपलब्ध होगी।
निगम ने हमें सोमवार को दोपहर तीन बजे बातचीत के लिए बुलाया है। वैसे निगम प्रशासन हमारी पांच साल की किश्त पर बिना ब्याज के और बिना खुली बोली के प्लॉट आवंटित करने की मांग लगभग मान ली है। मगर अभी तक प्लॉट के रेट कम करने की मांग पर बात नहीं है। बैठक में यही बात नहीं बनी तो खुली बोली को लेकर हमारा विरोध जारी रहेगा।
नंदप्रकाश पाहवा, प्रधान, पशु डेयरी एसोसिएशन
अभी हमने डेयरी संचालकों की कोई मांग नहीं मानी है। सोमवार को होने वाली बैठक में इन्हीं का समाधान ढूंढा जाएगा। जो मांगें लोकल स्तर पर हल हो सकेंगी, उनका समाधान कर दिया जाएगा। निगम का मकसद इन प्लॉटों के जरिए मुनाफा कमाना नहीं है, बल्कि हमारा मकसद डेयरी को शहर से बाहर शिफ्ट करना है।
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अशोक कुमार गर्ग, निगमायुक्त
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