एमएसएमई से देश का विकास पीएम मोदी की सोच: कपिल मित्तल
एमएसएमई डायरेक्ट कपिल मित्तल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी सोच है कि सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) देश की आर्थिक प्रगति का आधार बन सकते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि एमएसएमई क्षेत्र न केवल रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, बल्कि यह नवाचार, उद्यमिता और समावेशी विकास को बढ़ावा देने में भी अहम योगदान देता है। मित्तल ने बताया कि सरकार की नीतियां और योजनाएं, जैसे कि आत्मनिर्भर भारत अभियान, एमएसएमई को सशक्त बनाने और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए डिज़ाइन की गई हैं।
ईज ऑफ डूइंग बिजनेस पर हरियाणा सरकार कर रही काम : अमित अग्रवाल
हरियाणा सरकार के उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अमित अग्रवाल कॉन्कलेव में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े। अग्रवाल ने अपने संबोधन में हरियाणा सरकार के 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस पहल पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने जोर देकर कहा कि राज्य सरकार पिछले पांच वर्षों से इस दिशा में सक्रिय रूप से कार्यरत है, जिसमें उद्योगों को करोड़ों रुपये के प्रोत्साहन (इंसेंटिव) वितरित किए गए हैं। इन प्रयासों के तहत एक मजबूत इको-सिस्टम का निर्माण किया गया है, जो स्टार्टअप्स, एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम), बड़े उद्योगों और निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान करता है।
एमएसएमई से ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ेगा रोजगार: एमडीयू कुलपति
महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू), रोहतक के कुलपति प्रोफेसर राजबीर सिंह ने भारत की ग्रामीण अर्थव्यवस्था और रोजगार सृजन पर गहन चिंतन व्यक्त किया। उन्होंने कहा आज भी भारत की 65 प्रतिशत जनसंख्या ग्रामीण क्षेत्रों में बसी हुई है। ऐसे में एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम) से ही ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार बढ़ेगा। यह बयान न केवल भारत की जनसांख्यिकीय वास्तविकता को रेखांकित करता है, बल्कि ग्रामीण विकास के लिए उद्यमिता को एक प्रमुख उपकरण के रूप में स्थापित करता है। उन्होंने अमर उजाला का एमएसएमई मंथन कार्यक्रम के लिए धन्यावाद किया।
पैनल डिस्कशन में उद्यमियों ने रखे अपने विचार
एमएसएमई फॉर भारत मंथन कॉन्क्लेव के पैनल डिस्कशन मेंआए उद्यमियों ने एमएसएमई क्षेत्र की चुनौतियों, अवसरों और भविष्य की दिशा पर विचार-विमर्श किया। पैनल में शामिल उद्यमियों ने इस मंच को एक महत्वपूर्ण कदम बताते हुए अमर उजाला का धन्यवाद किया। कार्यक्रम में बोलते हुए एक उद्यमी ने कहा एमएसएमई का भविष्य तकनीक पर आधारित है। उन्होंने कहा लघु उद्योगों को पेटेंट ना करवा पाना सबसे बड़ी समस्या है।
9 अक्तूबर को दिल्ली में राष्ट्रीय कॉन्क्लेव, पुरस्कार व एक्सपो
बता दें कि अमर उजाला ने एमएसएमई क्षेत्र को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने और उन्हें प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने के उद्देश्य से ‘एमएसएमई फॉर भारत’ पहल की शुरुआत की है। पहले चरण में देशभर के 26 शहरों में क्षेत्रीय कॉन्क्लेव आयोजित किए जा रहे हैं। हरियाणा में पानीपत और रोहतक में कॉन्क्लेव संपन्न हो गया है। क्षेत्रीय कॉन्क्लेव होने के बाद 9 अक्तूबर को नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में राष्ट्रीय कॉन्क्लेव, एक्सपो व पुरस्कार समारोह होगा। केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग मंत्री जीतन राम मांझी इसमें बतौर मुख्य अतिथि शामिल होंगे।
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