रोहतक। एमडीयू की ओर से भारतीय कृषि अनुसंधान (आईसीएआर) के शोध संस्थान राष्ट्रीय अश्व अनुसंधान केंद्र (एनआरसीई), हिसार के साथ शुक्रवार को करार-पत्र (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। कुलपति प्रो. राजबीर सिंह और एनआरसीई निदेशक डाॅ. टीके भट्टाचार्य की उपस्थिति में इस एमओयू समारोह का आयोजन किया गया। कुलपति प्रो. राजबीर सिंह ने इस अवसर पर कहा कि आज का युग शैक्षणिक और शोध सहभागिता का है। ऐसे में जीव विज्ञान, जैव प्रौद्योगिकी, माइक्रोबायोलोजी समेत अन्य इंटर डिसीप्लिनरी वैज्ञानिक क्षेत्रों में सहभागिता की बेहतरीन संभावनाएं हैं। उम्मीद जताते हुए कहा कि ये एमओयू बायोटैक, न्यू आईआईटी और जीव विज्ञान संकाय के प्राध्यापकों और शोधार्थियों के लिए प्रभावी शोध के नए अवसर प्रदान करेगा। एमडीयू और एनआरसीई के मध्य संयुक्त शोध, संयुक्त वैज्ञानिक परियोजनाओं, फैकल्टी और स्टूडेंट एक्सचेंज, संयुक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
राष्ट्रीय अश्व अनुसंधान संस्थान, हिसार के निदेशक डाॅ. टीके भट्टाचार्य ने कहा कि उनके संस्थान में अश्व समेत अन्य पशुओं के स्वास्थ्य, एनिमल प्रोडक्ट्स, वैक्सीनेशन अनेक क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य हो रहा है। एमडीयू के साथ मिलकर संयुक्त शोध कार्य और आपसी संस्थागत सहयोग के तहत काम किया जाएगा। एकेडमिक एफेयर्स प्रो. एएस मान, प्रो. राजेश धनखड़, प्रो. युद्धवीर सिंह, डाॅ. केके शर्मा, डाॅ. मंजीत कौर, डाॅ. संजय कुमार, डाॅ. बलविंदर सिंह, प्रो. बी नरसिम्हन, निदेशक जनसंपर्क सुनित मुखर्जी, एसएस भार्गव, पीआरओ पंकज नैन उपस्थित रहे।