बेरी। चैत्र नवरात्र की अष्टमी ज्यों-ज्यों नजदीक आ रही है। बेरी कस्बे में रौनक बढ़ती जा रही है। 14 से माता भीमेश्वरी देवी मंदिर पर लगने वाले मेले के लिए बाजार सज गए हैं। 16 घंटे बाजार खुल रहे हैं। श्रद्धालु मंदिर में पहुंचकर पूजा अर्चना कर परिवार की खुशहाली की कामना कर रहे हैं। श्र
की ओ जाने वाले मार्गों और कस्बों की गालियों में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें दिखाने लगी है। देश भर से लोग बेरी में मां भीमेश्वरी देवी की पूजा-अर्चना कर आस्था के दीप जला रहे हैं। मां भीमेश्वरी के प्रति भक्तों की श्रद्धा देखते बनती है। श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ से कस्बे में काफी रौनक बनी हुई है। आमतौर पर 8 बजे तक बंद होने वाला बेरी का बाजार 16 घंटे खुल रहा है।
नवरात्र में मेले के चलते कस्बे को सभी धर्मशालाओं में चहल-पहल हैं।
मंदिर में सुबह 4 बजे से ही लंबी कतारें देखने को मिल रही है। प्रशासन की तरफ से भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रखे गए हैं। माता भीमेश्वरी मंदिर के पुजारी कुलदीप वशिष्ठ ने बताया कि मां को सुबह साढ़े 4 बजे बाहर वाले मंदिर में लाया जाता है। श्रद्धालु मां की आरती में शरीक होकर अपनी हाजिरी लगाते हैं। उल्लेखनीय है कि हर छठे महीने नवरात्र के दौरान यहां भारी मेले का आयोजन किया जाता है और साथ ही गधों व घोड़ों का विश्व प्रसिद्ध मेला भी लगता है। धर्मनगरी में नौ दिन तक चलने वाले नवरात्र के दौरान पूरे कस्बे के चारों तरफ चहल-पहल दिखाई देती है।
बदलवा रहता है माता का स्थान
माता भीमेश्वरी देवी के दो मंदिर है। दोनों के बीच करीब 600 मीटर की दूरी है। माता की मूर्ति प्राचीन मंदिर से सुबह साढ़े 4 बजे पुलिस सुरक्षा के बीच पुजारी अपनी गोद में लेकर जाते हैं। बाहर वाले मंदिर में यह मूर्ति दोपहर एक बजे तक रहती है। इसके बाद पुलिस सुरक्षा के बीच मां की प्रतिमा को अंदर वाले मंदिर में लाया जाता है। जिस मंदिर में जिस समय माता की प्राचीन मूर्ति होती है, उस समय उसी मंदिर में भीड़ बढ़ने लगती है।
चप्पे-चप्पे पर पुलिस की नजर : चौकी प्रभारी
पुलिस विभाग की ओर से बेरी शहर चौकी प्रभारी प्रदीप दलाल का कहना है कि सुरक्षा को देखते हुए चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात की हुई है। व्यवस्था को बनाए रखने के लिए पुलिस ने पूरी तरह से कमर कस ली है। मेले में आने वाले हर वाहन की चेकिंग भी की जा रही है। वहीं सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से हर श्रद्धालु पर नजर रखी जा रही है।