माई सिटी रिपोर्टर
रोहतक। डेयरी मोहल्ले में पति के साथ जहर खाकर जान देने वाली शालिनी (45) चाहती थीं कि उनकी बेटी कीर्ति (16) बीटेक कर अपने सपनों को उड़ान दें। कॉलेज में दाखिले के लिए कीर्ति को शनिवार को प्रवेश परीक्षा देनी थी लेकिन माता-पिता की मौत से सपना अधूरा रह गया।
बेटे रिवांसू (8) को सुबह तक पता नहीं चला था कि माता-पिता अब नहीं रहे। बोला-नानू, मां कब आएंगी। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद दोनों के शव परिजनों को सौंप दिए। मायके व ससुराल वालों ने जींद रोड स्थित प्राचीन शिव श्मशानघाट में दंपती का अंतिम संस्कार कर दिया।
दिल्ली के शाहदरा निवासी विनोद ने कहा कि उन्होंने 18 साल पहले बेटी शालिनी की शादी की थी। शादी के बाद राजीव ने किराने की दुकान की थी। उसी समय नशे की गोलियां खाने लगा। बाद में दुकान बंद करनी पड़ी। इस बात को लेकर राजीव व शालिनी के बीच झगड़ा होने लगा।
वह बेटी कीर्ति व बेटे रिवांसू को लेकर अपने मायके दिल्ली चली गई थीं। छह साल से दोनों के बीच कोई संपर्क नहीं रहा। दोनों बच्चों की पढ़ाई का खर्च बढ़ने लगा। शालिनी चाहती थीं कि पति राजीव (50) की रोहतक स्थित प्रॉपर्टी का किराया उन्हें भी मिले ताकि वह दोनोंं बच्चों को अच्छे स्कूल में पढ़ा सके।
कृष्णा कॉलोनी स्थित मकान के किराये के लिए पति राजीव से बात करने शुक्रवार सुबह वह रोहतक आई थीं। वह चाहती थीं कि किरायेदार मकान खाली कर दे। किरायेदार ने कहा कि जब तक राजीव नहीं कहेगा, वह मकान खाली नहीं करेंगे। इसी बात को लेकर शालिनी व राजीव के बीच झगड़ा हुआ था। बाद में दोनों ने जहरीला पदार्थ खाकर जान दे दी।
19-रोहतक में नाती रिवांशु को चुप करवाते नाना विनोद। संवाद
19-रोहतक में नाती रिवांशु को चुप करवाते नाना विनोद। संवाद