सफलता के सफर में मां की बीमारी को हिमांशु ने अपने सपनों की उड़ान में रोड़ा नहीं बनने दिया। प्रारंभिक परीक्षा से दो दिन पहले मां को ब्रेन स्ट्रोक आना हिमांशु के लिए काफी चुनौतीपूर्ण रहा। इस कठिन समय में भी उन्होंने अपने सपनों व मां का साथ नहीं छोड़ा। मां का ख्याल रखने के साथ परीक्षा की तैयारी कर हिमांशु ने हरियाणा न्यायिक सेवा परीक्षा में दसवीं रैंक हासिल की।
रोहतक के रहने वाले हिमांशु सिविल जज जूनियर डिविजन कम ज्युडीशिल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास के पद चयनित होकर न्यायिक कार्यभार संभालेंगे। पहले प्रयास में ही उन्होंने इस परीक्षा में सफलता प्राप्त की है। अपने परिवार में कानून की पढ़ाई व हरियाणा न्यायिक सेवा परीक्षा देने वाले वह पहले सदस्य हैं। उन्होंने बताया कि दिन में घर के कामों के साथ मां की सेहत का ख्याल रखा व रात को परीक्षा की तैयारी की। हिमांशु के पिता नरेश जांगड़ा एक निजी कंपनी में नौकरी करते हैं। घर के कामों में छोटे भाई साथ रहते थे। उन्होंने बताया कि यह समय उनके लिए चुनौती भरा रहा। हिमांशु ने 2020 में कानून की पढ़ाई पूरी की थी। कानून की पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने फैसला कर लिया था कि उन्हें न्याय की कुर्सी पर बैठकर देश की सेवा करनी है। हिमांशु ने हरियाणा न्यायिक सेवा परीक्षा से पहले 2021 में मध्य प्रदेश न्यायिक सेवा की परीक्षा भी दी थी।
इस उपलब्धि में शिक्षकों का पूर्ण योगदान रहा
हिमांशु ने अपनी इस सफलता का श्रेय अपने शिक्षकों प्रो. श्रुति, प्रो. सोनू, डॉ. प्रदीप, डॉ. कीर्ति व सौरभ गोयल एवं अपने परिवार को दिया। उन्होंने बताया कि शिक्षकों की मेहनत व योगदान से ही इस सफलता को प्राप्त किया।