रोहतक स्थित पीजीआई में मदर मिल्क बैंक का निरीक्षण करते कुलपति डॉ.एचके अग्रवाल व अन्य। स्रोत :
रोहतक। पीजीआई रोहतक में मदर मिल्क बैंक शुरू करने की पहल की गई है। फिलहाल, यह सुविधा छोटे स्तर पर ट्रायल के आधार पर शुरू की जा रही है। सोमवार को स्वास्थ्य विज्ञान विवि के कुलपति डॉ. एचके अग्रवाल ने मदर मिल्क बैंक का शुभारंभ किया।
कुलपति ने कहा कि आपका बच्चा प्री-मैच्योर है। वजन कम है। मां अपने बच्चे को किसी कारणवश दूध नहीं पिला पा रही है तो घबराने की जरूरत नहीं है। संस्थान का मदर मिल्क बैंक नवजात शिशुओं व माताओं को इस समस्या से राहत पहुंचाएगा। सरकार व एनएचएम के सहयोग से यह बैंक शुरू किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि यह मिल्क बैंक विशेष रूप से प्री मैच्योर शिशुओं और कम वजन वाले नवजात शिशुओं के लिए महत्वपूर्ण है। इन्हें मां के दूध की सबसे अधिक आवश्यकता होती है। मदर मिल्क बैंक में दूध सुरक्षित व स्वच्छ तरीके से संग्रहीत किया जाता है। मिल्क स्टोरेज व अन्य सुविधाएं भी प्रदान की जाती हैं। एनएचएम के निदेशक डॉ. वीरेंद्र यादव ने इस बैंक के लिए 40 लाख रुपये उपकरण खरीदने के लिए दिए हैं। नियोनेटोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. जगजीत दलाल ने भी विचार रखे।