पंचायत चुनाव में नई शर्तों ने किसी को झटका दिया तो किसी को मौका भी। मां
ने 5 साल पहले सरपंची का चुनाव लड़ा और अब जिला परिषद की तैयारी थी। लेकिन
सुप्रीम कोेर्ट के फैसले के बाद पंचायत चुनाव में शर्तें लागू कर दी गई।
अब 8वीं फेल मां का सपना टूटा तो बेटी मैदान में आ डटी।
मामला मोखरा
गांव का है। जिला परिषद् का वार्ड 14 एससी वर्ग के लिए आरक्षित है। यहां
राधा देवी जिप चुनाव नहीं लड़ सकी तो उन्होंने अपनी बेटी रीना को मैदान में
उतार दिया। क्योंकि उनका एक बेटा सरकारी नौकरी करता है और दूसरे की उम्र
कम थी।
चुनावी जंग में ताल ठोक रही 23 वर्षीय रीना बीएससी फाइनल की परीक्षा
दे रही है। ऐसा नहीं है कि रीना केवल अपनी मां का सपना पूरा करने के लिए
मैदान में उतरी है, बल्कि वह खुद भी राजनीति में हाथ आजमाने का सपना रखती
है। रीना रोजाना सुबह ही वोट मांगने के लिए निकल जाती है।
वैश्य कॉलेज में
साथ पढ़ने वाली सहेलियों से भी वो वोट मांग रही है। यहां रविवार को चुनाव
होना है। बता दें कि अकेले मोखरा गांव में ही जिला परिषद के 8 प्रत्याशी
हैं तो पूरे वार्ड में 12 प्रत्याशी।