माई सिटी रिपोर्टर
रोहतक। लड़ाकू विमान हादसे में बलिदानी पायलट स्क्वॉड्रन लीडर लोकेन्दर सिंह सिंधू की पार्थिव देह वीरवार शाम 6 बजे घर पहुंची। बेटे का पार्थिव शरीर देखते ही मां अनीता भावुक हो गईं। पिता जोगेन्दर ने दिलासा देते हुए कहा-रो मत म्हारा लाल तिरंगे में लिपटकर आया है। बोले-हर किसी का बेटा यूं बाप का नाम रोशन नहीं करता।
पत्नी डाॅ. सुरभि ने एक माह के बेटे अभ्युदित के साथ पहले तिरंगा चूमा फिर जयहिंद बोलकर लोकेन्दर को अंतिम विदाई दी। बहन अंजली बोलीं- रॉकी (लोकेन्दर के घर का नाम) तू जाते-जाते अपनी निशानी बेटे के तौर पर दे गया है। अब बेटे को सेना में भेजेंगे।
लोकेन्दर के पार्थिव शरीर पर फूलमालाएं अर्पित कर परिवार के सभी सदस्यों ने श्रद्धांजलि दी। इसके बाद पार्थिव शरीर घर से दो किलोमीटर दूर श्मशान घाट ले जाया गया। वायुसेना ने बलिदानी लोकेन्दर की पत्नी डाॅ. सुरभि को तिरंगा सौंपा। अंतिम यात्रा में शहीद लोकेन्दर सिंह सिंधू अमर रहे के नारे गूंजते रहे।
वायुसेना की टुकड़ी ने दी सलामी
वायुसेना की गाजियाबाद, नजफगढ़ व सूरतगढ़ से आई टुकड़ियों ने हवाई फायर कर सलामी दी। जिला प्रशासन से उपायुक्त धर्मेंद्र सिंह ने शहीद की पार्थिव देह पर पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
इन्होंने भी दी श्रद्धांजलि
भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष सतीश नांदल, रोहतक के एसडीएम आशीष कुमार, महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर राजवीर सिंह व जिला सैनिक बोर्ड की सचिव गौरिका सुहाग ने भी पार्थिव शरीर पर पुष्प चक्र अर्पित कर लोकेन्दर को श्रद्धांजलि दी।
रोहतक के शहीद पायलट लोकेन्दर सिंह सिंधू को अंतिम सलामी देतीं पत्नी डाॅ. सुरभि। - दीपक खन्ना
रोहतक के शहीद पायलट लोकेन्दर सिंह सिंधू को अंतिम सलामी देतीं पत्नी डाॅ. सुरभि। - दीपक खन्ना
रोहतक के शहीद पायलट लोकेन्दर सिंह सिंधू को अंतिम सलामी देतीं पत्नी डाॅ. सुरभि। - दीपक खन्ना