रोहतक। मोरखेड़ी में गर्ल्स खेल नर्सरी शुरू होने से एक बार फिर वेटलिफ्टिंग खिलाड़ियों के चेहरे पर रौनक दिखने लगी है। सुविधाओं के अभाव में यहां खिलाड़ियों का अभ्यास व रुझान कम था। अब खेल विभाग की ओर से वेटलिफ्टिंग नर्सरी की स्वीकृति मिली तो महिला खिलाड़ियों ने कोच के मार्ग दर्शन में अभ्यास करना शुरू कर दिया है।
मोरखेड़ी की बेटियों ने वर्ष 2022 से पहले अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मेडलों की झड़ी लगाई थी। आस-पास के क्षेत्र को बेटियों के लिए वेटलिफ्टिंग का हब भी कहा जाने लगा। गांव की 8-10 बेटियां हर स्पर्धा में मेडलों पर कब्जा करके लाती थी। यहीं नहीं, पीएम नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2022 में गांव की बेटी संजना की मन की बात कार्यक्रम में भी प्रशंसा की।
गांव की कुछ वेटलिफ्टर बेटियां विश्वविद्यालय व महाविद्यालय स्तर पर अभ्यास कर रही हैं। लेकिन गांव स्तर पर निरंतर अभ्यास न होने के कारण नई खिलाड़ी नहीं आ पाई। हाल ही में विभाग की खेल नर्सरी मिलने के बाद 25 से अधिक महिला खिलाड़ियों ने अभ्यास शुरू कर दिया है।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में संचालित वेटलिफ्टिंग खेल नर्सरी में 25 से अधिक महिला खिलाड़ी निरंतर अभ्यास करने पहुंच रही हैं। उम्मीद है कि आगामी प्रतियोगिता में खिलाड़ी अनेक मेडल लाएंगी।
- अंकिता, कोच।
हमें अपनी प्रतिभा को निखारने का अवसर मिला है। पंजीकृत और निशुल्क नर्सरी से हर वर्ग के बच्चों को खेलने का अवसर मिला है। अब हम निरंतर प्रेक्टिस कर रही हैं।
- मिनाक्षी, खिलाड़ी।
कोच वेटलिफ्टिंग की अलग-अलग तकनीक सीखा रही हैं। यह अकेले में नहीं सीखी जा सकती। बेटियों के लिए गांव में बेहतर सुविधा मिलना ही उनके भविष्य की उड़ान है।
- प्रज्ञा, खिलाड़ी।
गांव में नर्सरी चालू होने से पहले भी अभ्यास करते थे। अब नर्सरी शुरू होने के बाद से निरंतर प्रेक्टिस कर रहे हैं। विद्यालय प्रबंधक की ओर से छात्राओं को पूरा सहयोग किया जा रहा है।
- हेतल, खिलाड़ी
34-रोहतक के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में गर्ल्स वेटलिफ्टिंग खेल नर्सरी में भार उठाती खि
34-रोहतक के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में गर्ल्स वेटलिफ्टिंग खेल नर्सरी में भार उठाती खि
34-रोहतक के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में गर्ल्स वेटलिफ्टिंग खेल नर्सरी में भार उठाती खि