रोहतक। हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखने वाली देवउठनी एकादशी को भगवान श्री हरि के चार माह की योगनिद्रा से जागने के साथ अब तमाम मांगलिक कार्य शुरू हो गए हैं। इसी कड़ी में रविवार को खूब शहनाई बजी। एकादशी पर 250 से अधिक जोड़े परिणय सूत्र में बंधे।
वैवाहिक कार्यक्रमों के चलते इससे जुड़े हलवाई, पंडित, बैंडबाजा वाले, घोड़ी वाले व वाहन चालक सहित तमाम लोग व्यस्त रहे। मंदिरों व अन्य धार्मिक स्थानों पर तुलसी व भगवान शालिग्राम विवाह के कार्यक्रमों का आयोजन भी किया गया जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
गोकर्ण तीर्थ स्थित बाबा लक्ष्मणपुरी डेरे में रविवार शाम को तुलसी माता व भगवान शालिग्राम का विवाह समारोह हुआ। जूना अखाड़ा के उपाचार्य स्वामी कपिलपुरी महाराज ने समारोह कराया। इस अवसर पर श्री हरि के जयघोष लगाए गए।
दूसरी तरफ दुर्गा भवन मंदिर में भी तुलसी व शालिग्राम विवाह संपन्न कराया गया। इसके अलावा और भी कई जगह देवउठनी एकादशी पर धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए।
भगवान शालिग्राम की बारात में झूमे श्रद्धालु
सर्कुलर रोड स्थित बाबा बालकपुरी डेरे से सुबह प्रभातफेरी निकाली गई जो गांधी कैंप पहुंची। शाम को महामंडलेश्वर स्वामी कर्णपुरी के सानिध्य में भगवान शालिग्राम की बरात पुरीधाम से चली तो श्रद्धालु झूमते हुए गोहाना स्थित डेरा बाबा मछंदर पुरी में पहुंचे। यहां पर जूना अखाड़े के अंतरराष्ट्रीय सचिव स्वामी कमलपुरी महाराज ने सभी का स्वागत किया।
यहां पर भगवान शालिग्राम व माता तुलसी का विवाह कराया गया। भजन संध्या का भी आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में रोहतक व गोहाना के भी श्रद्धालु शामिल हुए।
34...बाबा लक्ष्मणपुरी डेरे में तुलसी माता व भगवान शालिग्राम विवाह समारोह में शामिल जूना अखाड़ा