10... रोहतक के लाखनमाजरा में धरना देते मनरेगा व खेत मजदूर। स्रोत : संगठन
- फोटो : कोहरे के बीच लाइट जलाकर गुजररा बाइक सवार।
रोहतक। मनरेगा और खेत मजदूरों ने मंगलवार को पंचायत एवं खंड विकास अधिकारी कार्यालय के बाहर धरना दिया। मजदूरों ने केंद्र सरकार की ओर से बनाए गए मजदूर व जन विरोधी कानूनों को लेकर रोष जताया। मजदूर संगठनों के देशव्यापी आह्वान पर अखिल भारतीय खेत मजदूर यूनियन, मनरेगा मजदूर व मेट यूनियन के 9 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने नायब तहसीलदार के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा।
सतबीर सिंह ने कहा कि मनरेगा ने अपनी उपयोगिता को सिद्ध करके दिखाया है। इससे ग्रामीण गरीबों को राहत मिली है। केंद्र सरकार ने मनरेगा को समृद्ध करने के बजाय विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार आजीविका मिशन ग्रामीण को लाकर मांग आधारित सार्वभौमिक मनरेगा को खत्म कर दिया है।
उन्होंने कहा कि श्रमिकों के हित की 44 श्रम संहिताओं को बदलकर 4 श्रम कोड लागू करके मजदूरों के साथ धोखा किया गया है। खेत मजदूर यूनियन के राज्य सह सचिव संदीप सिंह ने कहा कि साम्राज्यवाद के खिलाफ लड़ाई लड़ते हुए देश के लोगों ने यातनाएं झेल कर व शहादत देकर भारत को आजाद करवाया।
खंड लाखनमाजरा के नायब तहसीलदार डॉ. प्रमोद मेहरा ने मजदूरों के बीच पहुंचकर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन लिया व सभी मांगों को कार्यवाही के लिए आगे पहुंचाने का आश्वासन दिया। वहीं, मनरेगा के सहायक खंड कार्यक्रम अधिकारी पवन कुमार को मजदूरों ने मनरेगा के तहत काम देने की मांग की।
उन्होंने 15 दिनों के अंदर सभी मजदूरों को काम देने उपलब्ध करवाने का आश्वासन दिया। धरने बैठे मजदूरों को अखिल भारतीय किसान सभा के जिला कोषाध्यक्ष मास्टर बलवान सिंह मौजूद रहे। प्रतिनिधिमंडल में रामचंद्र बैंसी, प्रकाश चंद्र, राजेश खरेंटी, नवीन कुमार, दिलबाग सिंह, सुनील कुमार चिड़ी, संतरा व राजवंती आदि शामिल रहे।