शहर के नागरिक अस्पताल में मंगलवार को विधायक देवेंद्र सिंह बबली द्वारा एक्स-रे मशीन का उद्घाटन करने के दौरान बवाल हो गया। विरोध करने के लिए संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले किसान पहुंच गए। दोपहर बाद करीब 2 बजे जैसे ही विधायक की गाड़ी अस्पताल में जाने लगी तो कुछ लोगों ने गाड़ी पर हमला करते हुए पीछे के शीशे को तोड़ दिया। शीशा टूटकर विधायक के निजी सचिव राधेश्याम की गर्दन में लगा। उनका तुरंत इलाज किया गया। जब विधायक उद्घाटन करके बाहर जाने लगे तो भी किसानों ने जमकर नारेबाजी की। डीएसपी बिरम सिंह के नेतृत्व में भारी पुलिस बल की मौजूदगी में विधायक को वहां से भेजा गया। इसके बाद तीन किसान भी अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती हो गए। बाद में किसानों ने विधायक के खिलाफ केस दर्ज करने व माफी मांगने की मांग करते हुए हिसार रोड पर जाम लगा दिया। देर शाम तक जाम जारी रहा। करीब आठ घंटे तक टोहाना में हंगामा होता रहा।
सुबह करीब साढ़े 10 बजे संयुक्त किसान मोर्चा से जुड़े किसानों को पता चला कि विधायक देवेंद्र सिंह बबली नागरिक अस्पताल में 11 बजे आएंगे। उससे पहले किसान नागरिक अस्पताल के गेट के बाहर काले झंडे लेकर पहुंच गए। किसानों ने चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक तीनों कृषि कानून वापस नहीं होंगे, तब तक भाजपा-जजपा नेताओं के कार्यक्रम नहीं होने देंगे। इसी बीच किसानों को पता चला कि विधायक शहर थाना रोड पर मौजूद हैं। यहां से किसान करीब सवा 11 बजे शहर थाना के पास पहुंच गए और वहां भी विरोध करने लगे। किसानों का विरोध देखकर गुस्साए विधायक देवेंद्र बबली गाड़ी से नीचे उतरे और नारेबाजी कर रहे युवक को धमकाने लगे। विधायक और युवक के बीच काफी तकरार हुई। विधायक ने डीएसपी बिरम सिंह से कहा कि इन लोगों ने गाड़ी को टक्कर मारी है। इस पर युवा किसान और भड़क गए। उन्होंने नारेबाजी करते हुए विधायक की बात को गलत ठहराते हुए उन्हें गंदी गालियां देनी शुरू कर दीं। मुश्किल से डीएसपी बिरम सिंह ने विधायक को गाड़ी में बिठाकर वहां से निकाला। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ।
शहर थाना के पास घटनाक्रम होने के बाद संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं ने टाउन पार्क के बाहर बैठक की। इस दौरान किसान नेता रणजीत सिंह ढिल्लो ने कहा कि विधायक देवेंद्र सिंह बबली ने अमर्यादित शब्दों का प्रयोग करके अन्नदाता का अपमान किया है। वे बुधवार सुबह 9 बजे तक किसानों से माफी नहीं मांगेंगे तो रोड जाम किया जाएगा। किसान नेताओं ने जजपा हाईकमान से विधायक के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें पार्टी से निष्कासित करने की भी मांग की। किसानों की बैठक के आधा घंटा बाद विधायक देवेंद्र सिंह बबली नागरिक अस्पताल पहुंचे। वहां डीएसी बिरम सिंह के नेतृत्व में शहर थाना, सदर थाना, चंडीगढ़ रोड चौकी, सीआईए पुलिस, कुलां चौकी, जाखल पुलिस, रतिया थाना, भूना व फतेहाबाद से पुलिस की टुकड़ी अस्पताल के बाहर पहुंची। विधायक की गाड़ी अस्पताल के गेट पर पहुंची तो एक व्यक्ति ने गाड़ी के अगले शीशे पर हमला किया। दूसरे व्यक्ति ने गाड़ी के पिछले शीशे पर वार किया तो शीशा टूट गया। दोपहर ढाई बजे गांव कुलां निवासी किसान सर्वजीत, भोडी निवासी प्रधान ज्ञान सिंह व फतेहपुरी निवासी बूटा सिंह नागरिक अस्पताल में भर्ती हुए। किसान नेताओं ने कहा कि विधायक के कार्यक्रम का विरोध करने के लिए वे अस्पताल में आए थे, लेकिन विधायक ने पुलिस प्रशासन से उन पर लाठियां बरसवाई हैं, जो निंदनीय है। वहीं, दूसरी तरफ किसानों ने हिसार रोड पर जाम लगा दिया और सरकार व विधायक के खिलाफ नारेबाजी की। किसान नेताओं ने कहा कि विधायक ने स्वयं साजिश रचते हुए गाड़ी पर हमला करवाया है, इसमें कोई किसान शामिल नहीं था। विधायक ने अभद्र भाषा का प्रयोग किया, इसलिए उन्हें माफी मांगनी होगी तथा उनके खिलाफ केस दर्ज होना चाहिए। टोहाना के हिसार-चंडीगढ़ रोड पर किसानों ने विधायक देवेंद्र सिंह बबली, उनके भाई व दोनों निजी सचिवों पर कार्रवाई की मांग को लेकर दोपहर 2 बजकर 32 मिनट पर जाम लगा दिया। इस जाम के चलते दोनों तरफ वाहनों की कतारें लग गईं। जाम की सूचना पाकर एसडीएम गौरव अंतिल, डीएसपी बिरम सिंह सहित अन्य प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा। एसडीएम ने आश्वासन दिया कि जो शिकायत उनके द्वारा दी गई है, उसकी जांच की जाएगी। काफी समझाने के बाद किसानों ने 4 घंटे बाद शाम 6.30 बजे बाद जाम खोल दिया। इसके बाद लोगों ने राहत की सांस ली।
कोट
टोहाना में जो घटनाक्रम हुआ, उसके बाद किसानों द्वारा जाम लगाया गया था। एसडीएम व डीएसपी ने मौके पर जाकर जाम खुलवा दिया है। इस घटना के बाद दोनों पक्षों की तरफ से शिकायतें आई हैं, जिनकी जांच की जाएगी तथा नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। किसानों द्वारा शांतिपूर्ण प्रदर्शन की बात कही गई थी, लेकिन एक जगह हिंसा करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्हें रोक लिया गया।
- राजेश कुमार, एसपी, फतेहाबाद