रोहतक। रेलवे एलिवेटेड ट्रैक के विस्थापितों के लिए पावर हाउस चौक पर बनाई गईं दुकानों के मास्टर प्लान में चूक मिली है। कागजात जमा कराने के आखिरी दिन विस्थापितों ने मेयर व निगम आयुक्त को मास्टर प्लान की कॉपी सौंपकर बताया कि दुकान नंबर 14, 15, 27 व 28 के फ्रंट पर असंतुष्टि जाहिर की। विस्थापितों का मांग पत्र स्वीकार करते हुए निगम ने चारों दुकानों की अगल श्रेणी बनाने का निर्णय लिया। अब ड्राॅ के लिए आवेदन करते समय दुकान चाहे तो उक्त श्रेणी को छोड़ सकते हैं। अब विस्थापित दो नवंबर तक नए सिरे से कागजात जमा करवाएंगे।
विस्थापित सुरेंद्र बतरा ने बताया कि शुक्रवार शाम तक नगर निगम सहमति पत्र व दूसरे कागजात जमा कराने का समय दिया था। उन्होंने दुकानों के मास्टर प्लान की जांच की तो पता चला कि चार दुकानों के आगे सीधा फ्रंट नहीं है। ग्राहक गैलरी से ही दुकान तक पहुंच सकता है। ऐसे में जो दुकानदार उक्त दुकानें लगा, उनकी दुकानदार नहीं चलेगी। आयुक्त जितेंद्र सिंह व मेयर मनमोहन गोयल की अध्यक्षता में शुक्रवार को फिर विस्थापितों की बैठक हुई, जिसमें चार दुकानों की नई श्रेणी बनाने का निर्णय लिया है।
पहले से दुकानों की सात श्रेणी, अब आठ श्रेणी बनेंगी
स्वामी विवेकानंद कांप्लैक्स में निगम ने 112 दुकानें बनाई हैं, जिनको सात श्रेणी में बांटा गया है। दुकानों के रेट श्रेणी के आधार पर तय किए गए हैं। अब दुकान नंबर 14, 15, 27 व 28 को आठवीं श्रेणी में डाला जाएगा। इसके लिए एजेंडा बनाकर पार्षदों के पास भेजा जाएगा।
अब दुकानों की आठ श्रेणी होगी। उक्त श्रेणी को ड्राॅ में शामिल तो किया जाएगा, लेकिन विस्थापित आवेदन करते समय उक्त श्रेणी भरने या न भरने का खुद निर्णय ले सकेंगे। अब दो नवंबर के बाद ड्राॅ होगा।
मनमोहन गोयल, मेयर, नगर निगम
विस्थापितों ने एक मांग पत्र भेजा है, जिसमें चार दुकानों के फ्रंट पर आपत्ति जताई गई। ऐसे में चारों दुकानों की आठवीं श्रेणी बनाई जाएगा। इसके लिए पार्षदों को एजेंडा भेजकर प्रस्ताव पास करवाएंगे। दो नंवबर के बाद ड्राॅ निकाला जाएगा।
विजय सिंह, संयुक्त आयुक्त, नगर निगम