नारनौल में हरियाणा से आए बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मियों ने अपनी लंबित मांगों के लिए रविवार को स्वास्थ्य मंत्री के नारनौल स्थित आवास का घेराव कर रोष जताया।
इस दौरान प्रदर्शनकारी महिलाएं स्वास्थ्य मंत्री के आवास के सामने नारनौल-महेंद्रगढ़ सड़क मार्ग पर बीचोंबीच बैठ गई। इससे डेढ़ घंटे मार्ग ठप रहा।
प्रदर्शनकारियों ने डीडीपीओ दीपक यादव को मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री के नाम सौंपकर गत 14 नवंबर को हुए समझौते को तुरंत प्रभाव से लागू करने की मांग की।
प्रदेश भर से आए बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारी रविवार को नारनौल के नेताजी सुभाषचंद्र बोस पार्क में एकत्रित हुए।
एसोसिएशन की प्रधान लाजवंती बेवाल ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री ने कर्मचारी प्रतिनिधिमंडल से बातचीत के दौरान बहुउद्देशीय कर्मचारियों की मांगों को जायज ठहराते हुए उन्हें लागू करने का आश्वासन दिया था लेकिन एक माह बाद भी उन्हें लागू नहीं किया गया।
इससे कर्मचारियों में रोष है। उन्होंने कहा कि सरकार आरसीएच स्कीम के तहत एमपीएचडब्ल्यू महिला एवं पुरुष को नियमित करे। नियमित होने तक समान काम समान वेतन दिया जाए।
नियमित कर्मचारियों की भांति सर्विस रूल बनाया जाए। एमपीएचडब्ल्यू, एमपीएसएच को पंजाब, हिमाचल प्रदेश और उड़ीसा की तरह 10300-34800 के वेतनमान में क्रमश: 3200 व 4200 का ग्रेड पे दिया जाए।
एमपीएचडब्ल्यू पुरूष के डिप्लोमा शैक्षणिक योग्यता 12वीं और कोर्स की अवधि दो वर्ष करने की अधिसूचना जारी की जाए।
उन्होंने कहा कि जब तक स्वास्थ्य मंत्री लिखित आश्वासन नहीं देते आंदोलन जारी रहेगा।
एसोसिएशन के वित्त सचिव गुरमीत सिंह, उप प्रधान रानी देवी व सचिव शमशेर सिंह खलीला ने कहा कि सरकार की अनदेखी के चलते एक साल से उपस्वास्थ्य केंद्रों पर दवाएं उपलब्ध नहीं करवाई जा रही हैं।