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स्मॉग से लेट हुए प्रवासी पक्षी

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स्मॉग ने आम जन को ही नहीं पशु-पक्षियों को भी प्रभावित किया है। विदेश से आने वाले प्रवासी पक्षी भी इससे अछूते नहीं हैं। उत्तर भारत में छाए स्मॉग के कारण हरियाणा के भिंडावास में पहुंचने वाली प्रवासी पक्षियों की चहचहाहट सात से दस दिन देरी से सुनाई देगी। कुछ विदेशी मेहमान मंगलवार को भिंडावास में नजर भी आए। ये काफिले की अगुवाई करने वाले बताए जा रहे हैं। सप्ताह भर बाद हजारों की संख्या में विदेशी मेहमानों का पूरा परिवार यहां पहुंच जाएगा। उधर, विदेशी मेहमानों के आगमन को लेकर वन्य प्राणी विभाग अलर्ट है। सर्दी बिताने आ रहे इन प्रवासी पक्षियों के स्वागत को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। भिंडावास में मैदान की सफाई व घास काटी जा रही है। यही नहीं यहां के तालाब से जमी जलकुंभी भी निकाली जा रही है।
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नजर आने लगे ब्लैक नेक्ड स्ट्रोक
भिंडावास में प्रवासी मेहमानों का आगमन शुरू हो गया है। शुरुआत में ब्लैक नेक्ड स्ट्रोक नजर आने लगे हैं। इनकी संख्या अभी बेहद कम है। यह प्रजाति साउथ एशिया व आस्ट्रेलिया से यहां आती है। इसके अलावा दूसरी प्रजाति के पक्षी भी यहां आते हैं।
यूरोप, साइबेरिया, मंगोलिया से आएंगे प्रवासी पक्षी
मौसम में बदलाव के साथ ही विदेशी धरती से मेहमान हरियाणा पहुंचना शुरू हो गए हैं। हालांकि अभी यह संख्या न के बराबर है, मगर आने वाले सात से दिनों में इसमें तेजी से वृद्धि होने की उम्मीद है। यूरोप, साइबेरिया, मंगोलिया, आस्ट्रेलिया व अन्य देशों से पक्षियों का समूह प्रदेश पहुंचता है। इसमें यूरेशियन टील, नार्दन शैवलार्स, साइबेरियन स्टोन, डार्टर, ब्लैक नेक्ड स्ट्रोक, बार हेडेड गीज, ग्रेज कोरमोरेंट, स्टिरेन येगटेल या येलो येगटेल प्रजाति मुख्य है।
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भिंडावास पक्षी विहार है मेहमानों का घर
प्रदेश में भिंडावास पक्षी विहार विदेश से आने वाले पक्षियों का मुख्य ठिकाना है। इन विदेशी मेहमानों का बड़ा हिस्सा यहीं रह कर सर्दियां बिताता है। इसे लेकर यहां बेहतर व्यवस्था बनाई जा रही है। पक्षी आना शुरू हो गए हैं। फिलहाल नाममात्र के ही पक्षी पहुंचे हैं। सप्ताह भर बाद इनकी संख्या बढ़ने की उम्मीद है।
- देवेंद्र हुड्डा, निरीक्षक, वन्य प्राणी विभाग।
विदेश से आने वाले पक्षियों के स्वागत की पूरी तैयारी है। विभाग पहले से अलर्ट है। इसलिए तालाब से जलकुंभी निकालने का काम भी शुरू कर दिया है। पक्षियों के दाने पानी का पर्याप्त मात्रा में बंदोबस्त रहेगा। ब्लैक नेक्ड स्ट्रोक प्रजाति के कुछ पक्षी यहां पहुंच भी चुके हैं।
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- दीपक अलावादी, मंडलीय वन्य प्राणी अधिकारी।
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