फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शहर छोड़कर जाने लगे प्रवासी, 432 किलोमीटर फरुखाबाद रवाना: बोले, पहले पैदल जाएंगे पहले रिश्तेदार के पास दिल्ली 66 किलोमीटर दूर

विज्ञापन
फरीदाबाद से आए युवक सुखपुरा चौक से पैदल ही जींद की तरफ रवाना होते हुए। - फोटो : RohtakCity
विज्ञापन
यूपी, बिहार व दूसरे राज्यों से आकर रोहतक में काम करने वाले प्रवासी युवक अपने घर जाने लगे हैं। वहीं फरीदाबाद व गुड़गांव काम करने वाले प्रदेश के अन्य जिलों के युवक भी वापस घर पैदल ही लौटने लगे हैं। लॉकडाउन के बीच जनता पैदल ही सैकड़ों किलोमीटर का सफर तय करने के लिए रवाना होने लगे हैं। जबकि प्रदेश के युवक जुगाड़ या लिफ्ट से वापस लौटने लगे हैं।
विज्ञापन

यूपी के फर्रुखाबाद निवासी सुनील, मोनू व कुलदीप ने बताया कि वे कई माह से शहर के आर्यनगर में काम करते हैं। सुनील कपड़े की दुकान पर काम करता था, जबकि मोनू व उसका साथी कुलदीप कपड़ों पर इस्त्री करने का काम करते थे। कोरोना वायरस के चलते जब से लॉकडाउन हुआ है, काम बंद हो गया है। इसके चलते उन्हें खाने-पीना मिलने में परेशानी आने लगी। ऊपर से मकान मालिक भी किराया मांगने लगा। जिसके कारण वे पैदल ही अपने घरों की ओर रवाना हो गए। पहले वे दिल्ली में एक रिश्तेदार के यहां जाएंगे। वहीं कोई वाहन मिल गया तो ठीक, नहीं तो आगे का सफर भी वे पैदल ही तय करेंगे। रोहतक से उनका घर करीब साढे़ 400 किलोमीटर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि अभी तक किसी सामाजिक संस्था या प्रशासन ने उनको कोई भोजन नहीं दिया है। इस कारण वे अपने घर जा रहे हैं।
जुुगाड़ तो कहीं पैदल आए
जींद निवासी सोनू ने बताया कि वह फरीदाबाद पुलिस लाइन में पलम्बर का काम करता है। वहां तीन दिन से फंसा हुआ था। सुबह पुलिस की एक गाड़ी गुड़गांव आई। वह उसमें बैठकर आ गया। गुड़गांव से आगे कार, बाइक या पिकअप में लिफ्ट लेकर आ रहा है। रोहतक आने के बाद अब सुखपुरा चौक पर कोई वाहन नहीं मिला। यहां जींद जाने के लिए कोई वाहन मिल गया तो ठीक है नहीं तो पैदल ही रवाना हो जाऊंगा। वहीं, चौक पर मौजूद जुलाना निवासी कुलदीप ने बताया कि वह भी फरीदाबाद से आ रहा है। रास्ते में एक डाक्टर की गाड़ी मिल गई थी। उसने किराया भी नहीं लिया। गुड़गांव से आगे लिफ्ट लेकर आ रहा है। अब रोहतक से आगे जींद जाने के लिए अभी कोई वाहन नहीं मिला है। जींद निवासी नवीन ने बताया कि वह चार साल से मारुति कंपनी में काम कर रहा है। सुबह जींद के लिए रवाना हुआ था। रास्ते में कहीं न कहीं लिफ्ट मिल जाती है। हालांकि वह 50 किलोमीटर पैदल भी चल चुका है। आगे देखते हैं कुछ साधन मिल गया तो ठीक है। नहीं तो पैदल ही जींद जाएंगे। यह कहकर युवक जींद चौक की तरफ चल पड़े।
विज्ञापन

व्यापारी नेता बोले, 50 लोगों के आ चुके फोन, प्रशासन नहीं दे रहा खाना खिलाने की अनुमति
मेरे पास कम से कम 50 से ज्यादा प्रवासी मजदूरों व युवकों के फोन आ चुके हैं। खाने की कमी से युवक परेशान हैं। क्योंकि उनका काम भी बंद हो चुका है। उन्होंने निगम आयुक्त से फोन पर बात की थी कि उनको खाना पहुंचाने की अनुमति दी जाए, लेकिन अभी तक अनुमति नहीं मिली है। वास्तव में प्रवासी खाने के बिना परेशान हैं। प्रशासन को जल्द कोई न कोई प्रबंध करना चाहिए।
राजू भूटानी, व्यापारी नेता झज्जर रोड
मुुुझे दें नंबर, अब तक एक हजार को बंटवा चुके हैं राशन व खाना
शहर में किसी को भूखा नहीं रहने देंगे। सामाजिक संस्थाओं व निगम के माध्यम से भूखे लोगों तक खाना भिजवा रहे हैं। निगम ने सामाजिक संस्थाओं के साथ मिलकर एक ग्रुप बनाया है। प्रशासन से कोई सूचना आती है या हर वार्ड में एनजीओ के सदस्य सक्रिय हैं। उनके माध्यम से बाइक व गाड़ियों से खाना बंटवा रहे हैं। राजू भूटानी उनको ऐसे लोगों के मोबाइल नंबर दें, ताकि उन तक खाना भिजवाया जा सके।
विज्ञापन

मनमोहन गोयल, मेयर नगर निगम

लॉक डाउन में हिसार रोड स्थित नट बोल्ट की फैक्ट्री बंद हाने पर शुक्रवार को काम करने वाले कर्मचारी?

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें