11सीटीके11..लघु सचिवालय पर ज्ञापन देते अनुसूचित जाति के सदस्यों। संवाद
रोहतक। अनुसूचित जाति से जुड़े लोगों ने रविवार को मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम उपायुक्त अजय कुमार को ज्ञापन सौंपा। अनुसूचित जातियों ने मुख्यमंत्री को कहा कि देश की आजादी के बाद समाज में समानता लाने और सामाजिक न्याय के विचार को ध्यान में रखते हुए बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर ने देश के दलितों व पिछड़े वर्गाें के आरक्षण के लिए संविधान में प्रावधान किया था। लेकिन, आजादी के लंबे अरसे बाद देश के कई राज्यों की सरकारों को अनेक कमेटियों की रिपोर्ट से यह पता चला की देश के कई राज्यों में सरकारी नौकरियों के आरक्षण का अधिकतर लाभ इन वर्गाें की एक दो जातियों को ही लगातार हो रहा है। जबकि अन्य सभी जातियां आरक्षण के लाभ से अभी वंचित है। इसलिए कुछ प्रदेश की सरकारों ने इन जातियों को लाभ देने के लिए आरक्षण में वर्गीकरण को लागू किया। इसमें हरियाणा राज्य भी एक रहा। 1994 में पूर्व मुख्यमंत्री रहे चौधरी भजन लाल शर्मा ने प्रदेश में आरक्षण वर्गीकरण को लागू करते हुए अनुसूचित जाति के 20 प्रतिशत आरक्षण का उचित बंटवारा करते हुए इसे दो भागों में बांटा।