धारूहेड़ा। वर्षों से पर्यावरण और जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर चुनौती बने साहबी बैराज मसानी में जमा दूषित पानी की निकासी के लिए मेगा परियोजना पर काम शुरू हो गया है। परियोजना के तहत साहबी बैराज के निकट एक अत्याधुनिक पंप हाउस का निर्माण किया जाएगा, जहां से उपचारित पानी को उच्च क्षमता वाले पंपों की सहायता से लगभग 18 किलोमीटर लंबी भूमिगत पाइपलाइन के जरिये ड्रेन नंबर-8 तक पहुंचाया जाएगा।
इस परियोजना के लिए विशेष डक्टाइल आयरन (डीआई) पाइप गुजरात से मंगवाए जा चुके हैं और निर्माण एजेंसी ने मौके पर कार्य प्रारंभ कर दिया है। सरकार की ओर से पाइपों की खरीद पर करीब 50 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं, जबकि पाइपलाइन बिछाने का कार्य लगभग 8.5 करोड़ रुपये की लागत से कराया जा रहा है।
परियोजना का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा मसानी बैराज के पास बनने वाला पंप हाउस होगा। यहां अत्याधुनिक पंप लगाए जाएंगे, जिनकी मदद से बैराज में जमा उपचारित पानी को पाइपलाइन के माध्यम से आगे भेजा जाएगा। यह पंप हाउस पूरी परियोजना का मुख्य संचालन केंद्र होगा और पानी की निर्बाध निकासी सुनिश्चित करेगा। पूरी परियोजना पर 219 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
किसानों को मिलेगा 20 प्रतिशत मुआवजा हरियाणा भूमिगत पाइपलाइन (भूमि में उपयोग का अधिकार अर्जन) अधिनियम 2008 के तहत निजी भूमि से पाइपलाइन गुजरने वाले किसानों को उनकी भूमि के सर्किल रेट का 20 प्रतिशत मुआवजा दिया जाएगा। इसके लिए सरकार ने अधिसूचना जारी कर दी है और राजस्व विभाग ने आवश्यक प्रक्रिया शुरू कर दी है।
इन गांवों से गुजरेगी पाइपलाइन
परियोजना के तहत रेवाड़ी जिले के मीरपुर, रौजका, ततारपुर इस्तमुरार और खलियावास तथा गुरुग्राम जिले के महनियावास, खलीलपुर, खेतियावास, गांगली, पहाड़ी और बपास गांवों की भूमि से पाइपलाइन गुजरेगी। पहले चरण में मसानी बैराज से मौजाबाद तक लगभग 18 किलोमीटर भूमिगत पाइपलाइन बिछाई जाएगी। दूसरे चरण में मौजाबाद से झज्जर जिले के लुहारी गांव तक पानी साहिबी नदी के प्राकृतिक मार्ग से प्रवाहित होगा। तीसरे चरण में लुहारी से ड्रेन नंबर-8 तक पाइपलाइन के माध्यम से पानी पहुंचाया जाएगा। परियोजना पूरी होने के बाद साहबी बैराज में वर्षों से जमा दूषित पानी की समस्या का स्थायी समाधान होने की उम्मीद है। इससे आसपास के गांवों में बदबू, जलभराव और भूजल प्रदूषण में कमी आएगी। भविष्य में उपचारित पानी का बेहतर उपयोग होने से किसानों को सिंचाई के लिए भी अतिरिक्त जल उपलब्ध हो सकेगा।
उपचारित पानी का उपयोग सिंचाई के लिए हो सकेगा
ग्रामीण धीरज यादव, रामपाल व धर्मवीर का कहना है कि परियोजना पूरी होने के बाद वर्षों से चली आ रही गंदे पानी, दुर्गंध और प्रदूषण की समस्या से राहत मिलेगी। साथ ही भविष्य में उपचारित पानी का उपयोग सिंचाई के लिए भी किया जा सकेगा, जिससे किसानों को अतिरिक्त जल उपलब्ध होने की उम्मीद है। क्षेत्र के लोगों ने इस परियोजना को पर्यावरण संरक्षण और जनस्वास्थ्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए सरकार और संबंधित विभागों से कार्य को समयबद्ध तरीके से पूरा करने की मांग की है।
वर्जन
परियोजना के तहत साहबी बैराज के निकट एक अत्याधुनिक पंप हाउस का निर्माण किया जाएगा। उपचारित पानी को उच्च क्षमता वाले पंपों की सहायता से लगभग 18 किलोमीटर लंबी भूमिगत पाइपलाइन के जरिये ड्रेन नंबर-8 तक पहुंचाया जाएगा। परियोजना पर अब तेजी से कार्य किया जा रहा है।-दीपक, एक्सईएन, सिंचाई विभाग
साहबी बैराज के दूषित पानी की निकासी के लिए लाई गई पाइपलाइन। संवाद