संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक। एमडीयू की महिला सफाई कर्मचारियों को अंत:वस्त्र जांच प्रकरण ले-देकर निपटाने को कहा जा रहा है। पीड़ितों ने राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रेनू भाटिया को बताया कि अनजान लोग पीछा करके कहते हैं, मामले से हट जाओ, नहीं नौकरी चली जाएगी। अध्यक्ष ने उन्हें कार्रवाई का भरोसा दिया है।
शुक्रवार को उपायुक्त कार्यालय में रेनू भाटिया से मिलीं महिलाओं ने कहा कि आरोपी तो गिरफ्तार नहीं हुए। अनजान लोग आते-जाते उन्हें तंग कर रहे हैं। घर तक चले आते हैं। कहते हैं, मामला रफा-दफा कर लो। ले-देकर मामला न निपटाया तो अंजाम बुरा होगा। नौकरी चली जाएगी। महिलाओं ने कहा कि नौकरी का भय दिखाकर हमें मानसिक यातना दी जा रही है। इस पर अध्यक्ष ने कहा कि ऐसे लोगों के खिलाफ लिखित शिकायत करें। उनके नाम बताएं, फोटो लेने का प्रयास करें...कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पर, नाम सोच-समझ कर दें। किसी के बहकावे में न आएं।
आयोग अध्यक्ष ने कहा कि एमडीयू में शर्मनाक हरकत हुई। इस पर यूनिवर्सिटी प्रशासन ने दो घंटे में ही कार्रवाई कर दी थी। आयोग को भी 40-45 मिनट में सूचना मिल गई थी। असिस्टेंट रजिस्ट्रार को निलंबित भी किया जा चुका है।
अध्यक्ष ने कहा कि मामले में आरोपी एमडीयू का सहायक कुलसचिव श्याम सुंदर, एचकेआरएन के सफाई सुपरवाइजर वितेंद्र व विनोद को पुलिस तलाश रही है। पकड़े जाते ही सारा मामला साफ हो जाएगा।
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बैठक में नहीं आए अफसर, अध्यक्ष बोलीं-फोन लगाओ
महिला आयोग अध्यक्ष ने एमडीयू प्रकरण में कुछ अफसरों को भी बुला रखा था लेकिन वे आए ही नहीं। पीड़ित महिलाओं को आश्वस्त करते हुए वह कुछ निर्देश देना चाहती थीं लेकिन वहां कोई था ही नहीं। इससे नाखुश भाटिया ने पूछा-अधिकारी कहां हैं...उनसे बात करो। हमें और भी कार्यक्रमों में जाना है।