संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक। एमडीयू में मंगलवार को नवप्रवेशित विद्यार्थियों के स्वागत में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें कुलपति प्रो. मिलाप पूनियां ने मंगलवार को नव प्रवेशित स्नातक विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि आज प्रवेश करने वाले विद्यार्थी ही वर्ष 2047 के विकसित भारत की नींव रखेंगे।
कुलपति ने विद्यार्थियों को सीखने, नया करने व नेतृत्व करने की क्षमता विकसित करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि अध्ययन करो, नवाचार करो, सृजन करो व भविष्य के नेता बनो का प्रेरणादायी मंत्र दिया। पूनियां ने कहा कि युवा शक्ति देश के भविष्य की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने सफलता के लिए अनुशासन, कड़ी मेहनत और सकारात्मक सोच को महत्वपूर्ण बताया।
दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के प्रोफेसर पीके जोशी ने डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम जैसे महान व्यक्तित्वों के उदाहरण दिए। जोशी ने विद्यार्थियों से ज्ञान व नवाचार के माध्यम से समाज के लिए कुछ नया करने का संकल्प लेने को कहा। भारतीय वायुसेना की सेवानिवृत्त विंग कमांडर गीतांजलि सिंह ने सपने देखो, साहस दिखाओ, नई राह खोजो व खुद को लक्ष्य के अनुरूप गढ़ो का मंत्र देते हुए कहा कि असफलता सफलता की सीढ़ी है।
सेंटर फॉर इंडियन नॉलेज सिस्टम के निदेशक सुरेंद्र कुमार ने स्वामी दयानंद सरस्वती के विचारों पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को सत्य, शिक्षा और समाज सुधार के मूल्यों को अपनाने का संदेश दिया। डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर सपना गर्ग ने स्वागत भाषण दिया। कुलसचिव संदीप बंसल ने अतिथियों का आभार व्यक्त किया।