रोहतक। उच्च शिक्षा और शोध के क्षेत्र में एक और बड़ा कदम उठाते हुए महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) की सेंट्रल इंस्ट्रूमेंटेशन लेबोरेटरी को आधुनिक तकनीक से सशक्त किया गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान ग्रांट के तहत करीब 80 लाख रुपये की लागत से 10 अत्याधुनिक वर्कस्टेशन खरीदे हैं।
इन वर्कस्टेशनों के जरिए अब शोधार्थियों और विद्यार्थियों को डेटा एनालिसिस, सिमुलेशन और सॉफ्टवेयर आधारित रिसर्च कार्यों में बड़ी सुविधा मिलेगी। इस सुविधा से एमडीयू राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शोध के क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान और भी बेहतर बना सकेगा। विद्यार्थियों को अब आधुनिक तकनीक के साथ काम करने का अवसर मिलेगा। संवाद
आधुनिक तकनीक से लैस होगी रिसर्च प्रक्रिया
सेंट्रल इंस्ट्रूमेंटेशन लैब में स्थापित करने पर ये वर्कस्टेशन अत्याधुनिक सॉफ्टवेयर और हाई-स्पीड प्रोसेसिंग क्षमता से लैस होंगे। इनकी मदद से जटिल वैज्ञानिक डेटा का विश्लेषण, मॉडलिंग और सिमुलेशन पहले के मुकाबले अधिक तेजी और सटीकता से किया जा सकेगा। इससे शोध कार्य की गुणवत्ता में भी उल्लेखनीय सुधार आने की उम्मीद है।
छात्रों और शोधार्थियों को मिलेगा सीधा लाभ
इन नई सुविधाओं का सबसे बड़ा फायदा विश्वविद्यालय के छात्रों और रिसर्च स्कॉलर्स को होगा। उन्हें अब अपने प्रोजेक्ट और रिसर्च के लिए बाहरी संस्थानों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। आधुनिक उपकरणों और सॉफ्टवेयर के संपर्क में आने से उनके तकनीकी कौशल में भी वृद्धि होगी।
इन आधुनिक वर्कस्टेशनों के आने से शोध कार्य को नई दिशा मिलेगी। उन्होंने बताया कि इससे विद्यार्थियों को उच्चस्तरीय रिसर्च करने में आसानी होगी और विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता में भी सुधार होगा।
-प्रो. प्रदीप अहलावत, निदेशक, राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान, एमडीयू