एमफिल कोर्सों के नए मानकों से देश भर की कई यूनिवर्सिटी और शोधार्थियों को बड़ा झटका लगा है। प्रदेश की कई यूनिवर्सिटी में मानकों के सापेक्ष फैकल्टी कम होने की वजह से सीटों को कम करना होगा। प्रदेश की ए ग्रेड यूनिवर्सिटी एमडीयू में भी आधा दर्जन से अधिक ऐसे डिपार्टमेंट चल रहे हैं, जो एमफिल के नए मानकों पर खरे नहीं उतर रहे।
दरअसल, अभी तक एमफिल कोर्सों को लेकर सीटों की कोई बाध्यता नहीं थी। यूनिवर्सिटी की प्रवेश कमेटी और शैक्षणिक परिषद में मंजूरी के बाद डिपार्टमेंट में सीटें बढ़ा दी जाती थी, लेकिन पिछले दिनों यूजीसी एमफिल के नए मानक तय किए हैं। जिसके अनुसार डिपार्टमेंट में एक प्रोफेसर के सापेक्ष तीन सीटें, एसोसिएट प्रोफेसर पर दो सीटें और असिस्टेंट प्रोफेसर पर केवल एक ही सीट आवंटित होगी। एमडीयू में आधा दर्जन से अधिक ऐसे डिपार्टमेंट है, जिसमें फैकल्टी कम और एमफिल की सीटें अधिक संचालित है। ऐसे में नए मानकों के अनुसार यूनिवर्सिटी को उन्हें खत्म करना ही होगा। इसके साथ-साथ पीएचडी को लेकर भी नए मानक तय किए हैं। एमडीयू के अलावा प्रदेश भर की कई अन्य यूनिवर्सिटी को भी सीटें कम करनी होंगी। ऐसे में सीटें कम होने पर शोध की उम्मीद लगाए बैठे विद्यार्थियों की भी मुश्किलें बढ़ गई हैं।
एमफिल और पीएचडी का यह होंगे नए मानक
फैकल्टी एमफिल सीट पीएचडी
प्रोफेसर 3 8
एसोसिएट प्रोफेसर 2 6
असिस्टेंट प्रोफेसर 1 4
यह है एमडीयू की एमफिल की सीट का हाल
डिपार्टमेंट सीट प्रोफेसर एसोसिएट असिस्टेंट मानक के अनुसार
फिजिकल एजुकेशन 15 3 0 0 9
जर्नलिज्म एंड मास कॉम 15 2 0 0 6
डिफेंस स्टडीज 15 1 2 0 7
पॉलिटिकल साइंस 15 2 0 0 6
पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन 15 3 0 0 9
म्यूजिक इंस्टीट्यूमेटल 10 2 0 0 6
म्यूजिक वोकल 10 2 0 0 6
नोट : इनके अलावा बाकी डिपार्टमेंट में सामान्य स्थिति है।