रोहतक। कोरोना संक्रमण ने उच्च शिक्षा से जुड़े प्रदेश के करीब तीन लाख विद्यार्थियों का भविष्य अधर में लटका दिया है। महामारी के घोषित लॉकडाउन के कारण युवा इन दिनों घरों में बंद हैं, जबकि हर वर्ष इस समय वे परीक्षा में व्यस्त होते हैं। परीक्षा कब शुरू होगी, यह भी स्पष्ट नहीं है, मगर एमडीयू प्रशासन ने ऑनलाइन परीक्षा की संभावनाएं तलाशना जरूर शुरू कर दिया है। विवि का यह प्रयास ऑनलाइन परीक्षा लेने के संकेत दे रहा है। कुलपति ने विद्यार्थियों को अगली कक्षा में प्रमोट करने की बात से परहेज बरता है। उन्होंने कहा कि परीक्षा जरूर होंगी भले देरी से हों।
जुटाया जा रहा है ऑनलाइन सुविधा का आंकड़ा
एमडीयू प्रशासन ने विद्यार्थियों की परीक्षा से पहले उनके पास मौजूद ऑनलाइन सुविधा का आंकड़ा जुटाने का प्रयास शुरू किया है। इसके तहत पता लगाया जा रहा है कि कितने विद्यार्थियों पास मोबाइल है। कितनों के पास स्मार्ट मोबाइल फोन हैं। कितने विद्यार्थी लैपटॉप धारक हैं। विवि ने अपने साथ संबद्ध कॉलेजों से ऑनलाइन परीक्षा संबंधी डाटा मांगा। यह डाटा आने के बाद शीघ्र ही ऑनलाइन परीक्षा कराए जाने का फैसला लिया जा सकता है। इस काम में विवि की एक टीम जुटी हुई है।
परीक्षा को लेकर राज्य स्तर पर फैसला लेगा। सब कुछ ठीक रहा तभी परीक्षा हो पाएगी। फिलहाल महामारी के कारण लॉकडाउन लागू है। इसी का पालन जरूरी है। विवि ने अपना ऑन लाइन सिस्टम मजबूत किया है। ई-लर्निंग पर खास जोर दिया है। विवि का प्रयास परीक्षा की विश्वसनीयता बनाए रखना है। परीक्षा जरूर होंगी भले कुछ देरी हो जाए।
प्रो. राजबीर सिंह, कुलपति, एमडीयू।