संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक। एमडीयू प्रशासन और कर्मचारी संघ के बीच आठ दिनों से चल रहा गतिरोध आखिरकार समाप्त हो गया। कुलसचिव प्रो. संदीप बंसल के साथ सकारात्मक बातचीत के बाद कर्मचारी संघ ने अपना धरना अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया है।
शाम करीब 4 बजे कुलसचिव कार्यालय में संघ का प्रतिनिधिमंडल बैठक में शामिल हुआ। संघ प्रधान सुरेश कौशिक के नेतृत्व में बनी कमेटी में उपप्रधान प्रेम सजवान, महासचिव डॉ. विजय पाल धनखड़, सह सचिव राजकुमार रंगा, कोषाध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा सहित अन्य सदस्य शामिल रहे।
कुलसचिव और प्रतिनिधिमंडल के बीच सभी मांगों पर चर्चा हुई। संघ ने स्पष्ट किया कि यदि तय समय में मांगों पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो आम सभा की बैठक बुलाकर आगे की रणनीति तय की जाएगी। आंदोलन दोबारा शुरू किया जा सकता है।
इससे पहले दिन में पूर्व प्रधान दयानंद छिकारा अपने साथियों सहित धरनास्थल पर पहुंचे और समर्थन दिया। धरने में स्थापना शाखा (नॉन-टीचिंग) के कर्मचारी भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
मांगों पर जल्द कार्रवाई का आश्वासन
कुलसचिव ने डिमांड चार्टर सहित लंबित मांगों को जल्द पूरा करने का आश्वासन दिया। साथ ही इन मांगों पर विस्तृत चर्चा के लिए जल्द ही अलग से बैठक बुलाने की बात कही। इस आश्वासन के बाद संघ ने फिलहाल धरना स्थगित करने का निर्णय लिया।
परीक्षाओं को देखते हुए लिया फैसला
संघ प्रधान सुरेश कौशिक ने बताया कि विश्वविद्यालय में चल रही परीक्षाओं को ध्यान में रखते हुए धरना अस्थायी स्थगित करने का निर्णय लिया गया है। कर्मचारियों और विश्वविद्यालय के हितों को देखते हुए धरना अस्थायी रूप से रोका गया है।
मांगें पूरी न होने पर फिर आंदोलन की चेतावनी
संघ ने स्पष्ट किया है कि यदि तय समय में मांगों पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो आम सभा की बैठक बुलाकर आगे की रणनीति तय की जाएगी और आंदोलन दोबारा शुरू किया जा सकता है। धरने में स्थापना शाखा (नॉन-टीचिंग) के कर्मचारी भी मौजूद रहे।