फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एमडीयू ; दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड न कर पाने वाली छात्राओं को कोर्ट से मिली राहत

विज्ञापन
विज्ञापन
महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) के गणित व विधि विभाग से अध्ययन की इच्छुक दो छात्रों को राहत प्रदान कर अदालत ने विवि को बड़ा झटका दिया है। लचर ऑनलाइन दाखिला प्रक्रिया के चलते दस्तावेज अपलोड नहीं कर पाने वाली छात्रा के दस्तावेज जमा करने व वेटेज काउंट नहीं करने के मामलों में अंतिम मेरिट सूची से पहले छात्रा की वेटेज जोड़ने का विवि प्रशासन को निर्देश दिया है। शुक्रवार को ये दोनों मामले जेएमआईसी विक्रांत की अदालत में रखे गए। यहां सुनवाई के बाद छात्राओं को राहत मिली।
विज्ञापन

शुक्रवार को छात्रा प्रीति की गणित विभाग में अपनी एनएसएस की वेटेज नहीं जोड़े जाने के मामले की सुनवाई हुई। यहां एमडीयू की ओर से एनएसएस को-ऑर्डिनेटर अदालत में पेश हुए। यही नहीं भारत सरकार की ओर से स्कूल स्तर पर जारी किए जाने वाले एनएसएस प्रमाण पत्र की पुष्टि के लिए को-ऑर्डिनेटर का प्रतिनिधि अदालत में हाजिर हुआ। इस प्रतिनिधि ने अपने प्रमाण पत्र को सही ठहराते हुए उम्मीदवार को वेटेज का पात्र दिया। अदालत ने दोनों पक्षों के वकीलों की बहस व गवाहों की गवाही के बाद छात्रा को पांच प्रतिशत अतिरिक्त वेटेज दिए जाने का फैसला दिया। विवि अपनी अंतिम मेरिट से पहले यह छात्रा की एनएसएस वेटेज काउंट करेगा। पहले विवि प्रशासन ने ऐसा न करते हुए वेटेज देने से इनकार कर दिया था।
इधर, विधि विभाग की छात्रा इपशिता के केस में अदालत ने सुनवाई के बाद विवि को छात्रा के दस्तावेज जमा कराने के निर्देश दिए हैं। छात्रा के अधिवक्ता ने विवि की ऑलाइन व्यवस्था को लचर बताते हुए तकनीकी गड़बड़ी के चलते दस्तावेज अपलोड नहीं होने का हवाला दिया। इसके चलते अदालत ने छात्रा को दस्तावेज जमा कराने के लिए कहा है। विवि प्रशासन इसे स्वीकार करेगा। अदालत से मिली राहत के चलते दोनों छात्राएं दाखिले की दौड़ में फिर शामिल हो गई है। अब दाखिले के लिए मेरिट सूूची का इंतजार रहेगा।
विज्ञापन

दूसरे वंचित विद्यार्थियों का खुला रास्ता
अदालत में केस की सुनवाई के दौरान एनएसएस की वेटेज संबंधी 20 से ज्यादा विद्यार्थी होने की बात सामने आई है। इनके व इन सरीखे दस्तावेज जमा नहीं करा पाने वाले दूसरे वंचित विद्यार्थियों के लिए भी इन दो केसों ने रास्ता खोल दिया है। अधिवक्ता अनीश ने बताया कि वेटेज पाने या दस्तावेज अपलोड नहीं होने के चलते दाखिला प्रक्रिया से बाहर हुए विद्यार्थी भी अदालत का दरवाजा खटखटा कर राहत पा सकते हैं।
एमडीयू की मेरिट लिस्ट में घालमेल : इनसो
एमडीयू के पंचवर्षीय कोर्सों के दाखिलों की मेरिट लिस्ट में बड़ा गड़बड़ी है। विवि प्रशासन विद्यार्थियों की समस्या न सुनकर उन्हें धक्के खाने को विवश कर रहा है। ये आरोप शुक्रवार को इनसो के प्रांतीय अध्यक्ष प्रदीप देशवाल ने विवि प्रशासन पर लगाए हैं। इनसो प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि एमडीयू की ऑनलाइन दाखिला प्रणाली व पंचवर्षीय कोर्सों के दाखिलों की मेरिट लिस्ट की खामियों के कारण छात्र असमंजस की स्थिति में हैं। कहीं आवेदन पत्रों में गड़बड़ी है तो कहीं छात्रों की वेटेज के अंक नहीं जोड़े गए। इसके बगैर ही मेरिट सूूची जारी कर दी गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें