प्रदेश की ए ग्रेड यूनिवर्सिटी एमडीयू में काम कराने आ रहे आमजन को धक्कों के साथ-साथ अब थप्पड़ भी खाने होंगे।
दिल्ली से यहां बीएड की डिग्री में नाम ठीक कराने आई शिक्षिका को एक विवि कर्मी ने थप्पड़ जड़ दिया।
आरोप है कि उसके पति के साथ भी हाथापाई की गई। पुलिस मौके पर पहुंची।
तीन घंटे हंगामे के बाद कर्मचारियों ने शिक्षिका और उसके पति से परीक्षा नियंत्रक के सामने माफी मांगी, जिसके बाद समझौता हो गया। विवाद महिला द्वारा कर्मचारी की कुर्सी पर लैपटॉप रखने से शुरू हुआ था।
मामला एमडीयू के परीक्षा सदन में मंगलवार सुबह साढ़े 10 बजे का है। दिल्ली के पीतमपुरा निवासी एक प्राइवेट स्कूल की शिक्षिका अपने पति व छोटे बच्चे के साथ बीएड की डिग्री में नाम ठीक कराने यहां पहुंची। महिला शिक्षिका ने बीएड आर-4 ब्रांच में बैठे क्लर्क से डिग्री में नाम ठीक कराने की प्रक्रिया पूछी। इसी दौरान महिला ने अपना लैपटॉप का बैग एक कर्मचारी की खाली पड़ी कुर्सी पर रख दिया। आरोप है कि कर्मचारी वहां पहुंचा और कुर्सी पर बैग रखने को लेकर कहासुनी करने लगा। मामला इतना बढ़ा कि कर्मचारी ने अभद्र व्यवहार करते हुए शिक्षिका के पति के साथ हाथापाई शुरू कर दी। शिक्षिका ने हाथापाई का विरोध किया। आरोप है कि कर्मचारी ने महिला को थप्पड़ जड़ दिया। हंगामा होता देख अन्य स्टाफ ने किसी तरह बीच-बचाव कराया। मौका पाकर दोनों कर्मचारी वहां से भाग निकले। गुस्साए दंपति ने कमरे में ही हंगामा कर दिया और पीड़ित के समर्थन में छात्रों ने भी हल्ला कर दिया। पुलिस मौके पर पहुंची। 3 घंटे तक चले हंगामे के बाद दंपति को परीक्षा नियंत्रक ने अपने कार्यालय में बुलाया और किसी तरह शांत किया। आरोपी कर्मचारियों को भी कार्यालय में बुलाया गया। कर्मचारियों ने दंपति से माफी मांगी। इस पर समझौता हो गया और शिक्षिका ने कानूनी कार्रवाई से मना कर दिया।
गलती नहीं थी तो क्यों भागे कर्मचारी
शिक्षिका का आरोप है कि हमारी कोई गलती नहीं है। पूरा प्रकरण सीसीटीवी कैमरे में कैद है। यदि कर्मचारियों की कोई गलती नहीं थी तो वे मौके से क्यों भागे। पुलिस की गिरफ्तारी के डर से ही वापस क्यों आए। साफ है कि कर्मचारियों को डर सता रहा था कि अब उन पर कार्रवाई होगी।
पहले हटाने के निर्देश, फिर लिए वापस
हंगामे के दौरान दंपति की मांग के बाद परीक्षा नियंत्रक ने ठेके पर लगे एक कर्मचारी को हटाने के निर्देश दे दिए, लेकिन इसके बाद दंपति ने कहा कि वह किसी की नौकरी नहीं खोना चाहते। कर्मचारी ने अपनी गलती मान ली और उसे नौकरी से न हटा जाए। इस पर परीक्षा नियंत्रक ने कर्मचारी को हटाने के निर्देश वापस ले लिए।
वर्जन
कर्मचारियों ने अपनी गलती मान ली, जिसके बाद दोनों पक्षों में समझौता हो गया। कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की गई। उनकी डिग्री में नाम ठीक कराने के लिए भी संबंधित विभाग को निर्देश जारी कर दिए हैं।
- डॉ. बीएस सिंधु, परीक्षा नियंत्रक एमडीयू।