संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक। गैर सरकारी संगठन एमडीडी ऑफ इंडिया ने जिले में बाल तस्करी की रोकथाम के लिए जागरूकता अभियान चलाने का निर्णय लिया है। यह संगठन सरकार, प्रशासन और आमजन के सहयोग से तस्करों की पहचान कर कानूनी कार्रवाई कराएगा। संवेदनशील परिवारों तक भी पहुंच बनाई जाएगी।
एमडीडी ऑफ इंडिया के कार्यकारी अधिकारी सुरिंदर सिंह मान ने बताया कि देश में हर घंटे 11 बच्चे गुम होते हैं। प्रतिदिन छह बच्चे ट्रैफिकिंग का शिकार होते हैं। ट्रैफिकिंग रोकने के लिए जागरूकता, सरकारी योजनाओं से बच्चों को जोड़ना और प्रभावी पुनर्वास जरूरी है।
नई दिल्ली में जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन (जेआरसी) के राष्ट्रीय परामर्श में एक निर्णय लिया गया। इसके तहत वर्ष 2030 तक राष्ट्रव्यापी अभियान चलेगा, जिसमें एमडीडी ऑफ इंडिया सहयोगी संगठन है।