माई सिटी रिपोर्टर
रोहतक। एमबीबीएस परीक्षा पास कराने में गिरफ्तार स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के संविदाकर्मी अनिल से पूछताछ के बाद तीन कर्मचारियों और दो बिचौलियों से भी पूछताछ की जाएगी। पुलिस फिलहाल इनका रिकॉर्ड खंगाल रही है। आपराधिक कड़ियां जुड़ने पर इनकी गिरफ्तारी भी तय है।
पंडित बीडी शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विवि में एमबीबीएस के 2020 से 2024 बैच तक के 24 विद्यार्थी जांच के घेरे में हैं। इनकी कोरोना काल में टाली गईं सेमेस्टर परीक्षाएं जनवरी-फरवरी 2023 और मई 2024 में हुई थीं। इसमें रुपये लेकर पास कराने की अंधेरगर्दी हुई। कॉपी तक बदल दी गईं।
इसमें विश्वविद्यालय के कई कर्मचारी भी शामिल थे। इसका खुलासा होने पर मुख्य आरोपी कंप्यूटर ऑपरेटर रोशन लाल, रोहित, दीपक, जितेंद्र, सोनू और अनिल को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच में पता लगा कि अनिल ने परीक्षा कक्ष से उत्तर पुस्तिकाएं चुराकर रोशन लाल को दी थीं।
पुलिस के मुताबिक, विश्वविद्यालय के संविदा कर्मचारी अनिल ने रिमांड के दौरान दो बिचौलियों और तीन अन्य कर्मचारियों के नाम बताए हैं। यह तीनों कर्मचारी भी संविदा के ही बताए जा रहे हैं। रोशन लाल ने इनसे भी उत्तर पुस्तिकाएं मंगवाई थीं।
इन उत्तर पुस्तिकाओं को बाहर भेजकर दूसरे लोगों से लिखवाया गया था। कुछ कॉपियां बंडल से हटाकर बदली गई थीं तो कुछ ने पेपर आउट होने के बाद खुद ही लिखी थीं। बिचौलियों, कर्मचारियों और कुछ छात्रों ने पेपर को 10,000 से लेकर एक लाख तक में बेचा था।
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...तो 200 विद्यार्थी आ सकते हैं जांच के दायरे में
नकल का खेल सिर्फ 24 विद्यार्थियों तक सीमित नहीं है। यह खेल पुराना है। जांच ठीक से हुई तो पांच साल के 200 से अधिक छात्र-छात्राएं संदेह के घेरे में आ सकते हैं। पुलिस का कहना है कि सभी आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही जांच के दायरे को बढ़ाने पर निर्णय होगा।
अनिल ने रिमांड पर पूछताछ के दौरान दो बिचौलियों और तीन कर्मचारियों के नाम बताए हैं। इनसे पूछताछ करेंगे। आरोपियों से कड़ियां जुड़ने पर इनकी गिरफ्तारी भी की जाएगी।
- दिलीप सिंह, जांच अधिकारी, डीएसपी