माई सिटी रिपोर्टर
रोहतक। देश की रक्षा में शहीद में हुए रोहतक के बलिदानी कैप्टन साहिल वत्स व गनर नवीन वशिष्ठ को सम्मान नहीं मिल रहा है। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय भिवानी चुंगी का नाम जम्मू-कश्मीर के अवंतीपोरा में 13 जनवरी 2022 को शहीद हुए सेक्टर-4 निवासी कैप्टन साहिल वत्स के नाम पर नहीं रखा गया है। हालांकि, नगर निगम की ओर से सदन में प्रस्ताव भी पास हो चुका है।
जिला प्रशासन की ओर से सैनिक बोर्ड का हवाला देते हुए इसकी मंजूरी नहीं दी जा रही है। जनता कॉलोनी निवासी भारतीय सेना के गनर शहीद नवीन वशिष्ठ के मामले में भी यही हो रहा है। वह 21 दिसंबर 2021 को मुंबई में ड्यूटी के दौरान शहीद हुए थे।
शहीद नवीन वशिष्ठ के पिता बनारसी दास वशिष्ठ ने कहा कि बेटे के सम्मान में राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय पुराना बस स्टैंड का नामकरण कराने की मांग है। नगर निगम के सदन में प्रस्ताव सर्वसम्मति से मंजूर हो चुका है। जिला प्रशासन की ओर से इसे मंजूरी नहीं मिली है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मांग है कि सरकारी स्कूल का नामकरण उनके शहीद बेटे के नाम पर कर मान-सम्मान दिया जाए। इससे आने वाली पीढ़ियों को भी देशभक्ति की प्रेरणा मिलेगी।
कैप्टन साहिल वत्स के पिता डॉ. जितेंद्र वत्स ने कहा कि वह चार साल से प्रशासन के चक्कर लगा रहे हैं। शहीद बेटे के नाम पर स्कूल का नामकरण नहीं हो रहा है। प्रशासन नियमों का हवाला देते हुए नामकरण नहीं कर रहा है।
वर्ष 2023 में तत्कालीन उपायुक्त यशपाल यादव ने स्कूल के नामकरण की मंजूरी दे दी थी। बाद में प्रशासन के ढीले रवैये से काम अधूरा रह गया।जल्द ही यह मामला सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा के समक्ष रखा जाएगा। सहकारिता मंत्री के जरिए मुख्यमंत्री से मुलाकात कर उन्हें मामले से अवगत कराया जाएगा।