भिवानी जिले के लोहारू उपमंडल के गांव सिंघानी में नहर के समीप उस समय सनसनी फैल गई जब एक महिला शिक्षिका का शव बाजरे के खेत में मिला। सात दिन बाद भी शिक्षिका मनीषा की मौत रहस्यमय बना हुआ है। हत्या या आत्महत्या, अभी यही तय नहीं हो सका है।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा है कि परिवार की मांग को मानते हुए शिक्षिका मनीषा हत्याकांड की जांच सीबीआई को सौंप देनी चाहिए। क्योंकि पूरे मामले में अब तक हरियाणा सरकार और पुलिस की भूमिका गैर जिम्मेदाराना रही है। हुड्डा सोमवार को डी पार्क स्थित अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
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हुड्डा ने आरोप लगाया कि मनीषा हत्याकांड को सुसाइड साबित करने का प्रयास किया जा रहा है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। दूसरी तरफ नृशंस वारदात को अंजाम देने वाले अब तक आजाद घूम रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में अपराधियों का बोलबाला है। आए दिन वारदात सामने आ रही हैं। लोहारू में मनीषा की हत्या के बाद अब जींद में भी बच्चों पर फायरिंग का मामला सामने आया है। गुरुग्राम में कलाकारों पर फायरिंग की गई। प्रदेश में रोज तीन से चार हत्याएं हो रही हैं। कानून व्यवस्था की बदतर स्थिति हो गई है।
वहीं दूसरी तरफ मनीषा हत्याकांड मामले में पुलिस की थ्योरी से परिजन भी अनभिज्ञ हैं। मनीष की मौत के पांच दिन बाद परिजनों को सोशल मीडिया से सोमवार को पता चला कि सुसाइड नोट मिला है। जबकि परिजनों ने सुसाइड थ्योरी पर गंभीर सवाल भी खड़े किए हैं। वहीं मीडिया के सामने मनीषा के दादा रामकिशन भी फफक पड़े। रामकिशन ने बताया कि पौती सारी बातें साझा करती थी। पौती मनीषा तीन साल का नर्सिंग कोर्स करना चाहती थी। दादा ने मनीषा को कोर्स के लिए खर्चा देने की बात कही थी। वहीं मनीषा के परिजनों ने बताया कि सुसाइड करने वाला कैसे अपना गला काट लेगा और चेहरे पर तेजाब कैसे छिड़ेगा। उन्होंने यह भी बताया कि पुलिस ने पहले सुसाइड नोट की कोई भी बात उन्हें नहीं बताई थी।
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राहुल गांधी की ओर से उठाए गए फर्जी वोटर के मामले पर हुड्डा ने कहा कि राहुल गांधी से पहले चुनाव आयोग को खुद हलफनामा देना चाहिए कि कहीं भी फर्जी वोटर या एक-एक आदमी के दो-दो वोट नहीं हैं। अगर आयोग लिखकर देता है तो उसको अनगिनत सबूत देने के लिए तैयार हैं। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि चुनाव आयोग अपनी कमियां छुपाने के लिए राहुल गांधी से हलफनामा मांग रहा है। आयोग पूरी तरह भाजपा की बी टीम की तरह काम कर रहा है। यह देश के लोकतंत्र के लिए घातक स्थित है। क्योंकि लोकतंत्र तभी मजबूत रहेगा, जब तमाम संवैधानिक संस्थाएं स्वतंत्र तौर पर कार्य करेंगी। इस मौके पर पूर्व सांसद शादीलाल बतरा भी मौजूद रहे।