रोहतक। सर्कुलर रोड स्थित बाबा बालक पूरी डेरे में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन कथा वाचक डॉ. नरेश चंद्र शास्त्री ने अपने प्रवचनों में सनातन वैदिक धर्म को ही सत्य बताया है। उन्होंने कहा कि भगवान के चरणों में अगर प्रेम सच्चे मन से हो जाए तो भगवान साक्षात प्राप्त हो जाता है।
आचार्य डॉ. नरेश चंद्र शास्त्री ने जैन समाज के क्षमा वाणी पर्व पर बोलते हुए कहा कि इसका वर्णन भागवत में आता है। मनुष्य से गलती हो जाना बड़ी बात नहीं। लेकिन ऐसा होने पर समय रहते सुधार और प्रायश्चित जरूरी है। ऐसा नहीं हुआ तो गलती पाप की श्रेणी में आ जाती है। इसीलिए जैन समाज के लोग क्षमा वाणी पर्व से अपने पापों को काटते हैं। व्यायाम से शरीर को स्वस्थ रख सकते हैं और ध्यान से मन को।
इस अवसर पर ट्रस्ट के अध्यक्ष राकेश गोयल, सचिव नरेश गोयल, पवन मित्तल खरकिया, नरेश जैन ,सुशील गुप्ता, प्रवीण साधी वाले उपस्थित रहे।