सुनारिया चौक स्थित आंगनवाड़ी केंद्र प्रभारी सीमा ने निरीक्षण के दौरान बताया कि वहां पर 6 गत्ता पेटियों में 500 पैकेट में 3000 चॉकलेट मिली थीं। यह सभी चॉकलेट मिल्क बार मार्का थीं और 28 अप्रैल को भेजा गया था।
मुख्यमंत्री उड़नदस्ते ने वीरवार को सुनारिया चौक और शोरा कोठी स्थित आंगनवाड़ी केंद्रों पर निरीक्षण किया गया। वहां पर उड़न दस्ते ने पाया कि बच्चों के बंटने के लिए आई 7 हजार चॉकलेट एक्सपायर डेट की थीं। सीएम प्लाइंग ने सभी चॉकलेट को मौके पर ही नष्ट कराया और उनका सैंपल भी ले लिया गया है। अब आंगनवाड़ी ठेकेदार के खिलाफ जांच शुरू कर दी है। इस लापरवाही से बच्चों के साथ कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
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मुख्यमंत्री उड़नदस्ते में शामिल अधिकारियों ने बताया कि रोहतक के दो आदर्श आंगनवाड़ी केंद्र सुनारियां चौक और शोरा कोठी आंगनवाड़ी केंद्र पर चॉकलेट बच्चों के लिए दी जाती हैं। सुनारिया चौक स्थित आंगनवाड़ी केंद्र प्रभारी सीमा ने निरीक्षण के दौरान बताया कि वहां पर 6 गत्ता पेटियों में 500 पैकेट में 3000 चॉकलेट मिली थीं। यह सभी चॉकलेट मिल्क बार मार्का थीं और 28 अप्रैल को भेजा गया था। जबकि दो मई को उनकी तिथि समाप्त हो गई थी। इसी तरह शोरा कोठी स्थित आंगनवाड़ी केंद्र प्रभारी मुकेश कुमारी मौजूद थीं।
वहां पर दो पेटियों में 1000 मिल्कबार मार्का चॉकलेट मिली और इनकी भी दो मई को तिथि समाप्त हो चुकी थी। दोनों केंद्र पर ठेकेदार अजमेर सैनी ने चॉकलेट की खेप पहुंचाई थी। दोनों केंद्रों पर मिली चॉकलेट को मौके पर ही नष्ट कराया गया। बड़ी बात यह थी कि सभी चॉकलेट जुलाई 2025 तक बच्चों को मुहैया कराई जानी थी। मुख्यमंत्री उड़न दस्ते, खूफिया विभाग और खाद्य सुरक्षा अधिकारी योगेश कुमार ने संयुक्त रूप से यह कार्रवाई की थी।