रोहतक। फरवरी 1990 में हुए महम कांड की वीरवार को सेशन जज एएस नारंग के अवकाश पर होने के कारण सुनवाई नहीं हो सकी। अब मामले में अदालत की तरफ से 14 अक्तूबर की तिथि तय की गई है।
भिवानी जिले के गांव खरक जाटान निवासी रामफल ने अदालत में सीआरपीसी की धारा 397 के तहत याचिका दायर की। दायर इस्तगासे के मुताबिक याचिकाकर्ता का कहना है कि 27 फरवरी 1990 को महम विधानसभा के उपचुनाव में उसके बड़े भाई हरि सिंह की मौत हो गई थी। इसके लिए इनेलो नेता अभय चौटाला, पूर्व डीआईजी शमशेर सिंह अहलावत, करनाल के पूर्व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुरेश चंद्र, भिवानी के डीएसपी रहे सुखदेव राज राणा व गांव दरियापुर के भूपेंद्र उर्फ भूपी, हिसार के गांव दौलतपुर निवासी पप्पू और फतेहाबाद जिले के गांव गिल्ला खेड़ा निवासी अजीत सिंह जिम्मेदार हैं। आरोपियों के खिलाफ अदालत में केस चलाया जाएगा। महम अदालत ने याचिका खारिज कर दी थी। इसके चलते याचिकाकर्ता ने रोहतक स्थित सेशन कोर्ट में अपील की थी। सेशन कोर्ट ने मामले में नोटिस जारी किए थे। हालांकि जिन पर याचिकाकर्ता ने आरोप लगाए हैं, उनमें से दो का देहांत हो चुका है। इनेलो नेता अभय चौटाला के वकील विनोद अहलावत ने बताया कि सेेशन जज के अवकाश के चलते वीरवार को अदालत में सुनवाई नहीं हो सकी।